क्या साध्वी बुधरामदास बुधिया के क्रमिक अनशन के पीछे महामंडलेश्वर लक्ष्मण दास का हाथ

अमरकंटक स्थित वार्ड नंबर 08 च्यवन गुफा काली मंदिर कपिला संगम जो रामलखन दास जी महराज के म्रत्यु होने के बाद से आज तक विवाद थमने का नाम नही ले रहा है आखिर क्या है सच रामलखन दास जी महराज अपने रहते उक्त आश्रम को 13 फरवरी 2016 को अपनी  दिक्षित शिष्या राधा बाई के पक्ष में अपनी चल अचल संपत्ति का वसीयतनामा लिख दिए थे दिनांक 04 दिसंबर 2017 को रामलखन दास जी महाराज ब्रम्हलीन में समाहित हो जाने के उपरांत उनकी अंत्येष्टि भंडारा के समय उपस्थित तमाम साधु संत पुजारियों एवं ग्रामीणों के समक्ष उक्त आश्रम की मानताई राधा बाई द्वारा स्वयं उपस्थित जानो के समक्ष  सर्वसम्मति से जगतगुरु स्वामी रामानंदाचार्य जी महाराज अमरावती महाराष्ट को आधिकारिक रूप से चादर विधि  विधान कर आश्रम का अवमित्व सौप दिया गया उक्त दिनांक से आश्रम का संपूर्ण जिम्मा व अधिकार स्वामी जी को प्राप्त हो गया लगभग 11 माह तक शिष्या राधा बाई की जीवित रहते उक्त आश्रम पर कब्जे वा उत्तराधिकारी होने का बिबाद क्यो नही उठा और आखिर इतने लंबे समय तक कहां थी साध्वी बुद्दी बाई दिनांक 13 नवंबर 2018 को शिष्या राधा बाई के मृत्यु उपरांत ही क्यों शुरू हुई आश्रम पर अधिकार की लड़ाई जबकि अधिकार पत्र मिलने के बाद से ही जगतगुरु स्वामी जी द्वारा उक्त आश्रम का रख रखाव ब्यवस्था संचालन कर रहे है

*वार्ड पार्षद वा नगरवासियों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन*

 25 नवंबर को वार्ड पार्षद श्रीमती सुरुचि एवं सैकड़ो ग्रामीणों ने कलेक्टर अनूपपुर को ज्ञापन सौंपते हुए उल्लेख किया गया की अनशन पर बैठी न्याय की गुहार लगा रही साध्वी बुधराम दास बुधिया बाई को पूर्ण रूप से उकसाने और बरगलाने का काम महा मंडलेश्वर लक्ष्मणदास बालयोगी के द्वारा किया जा रहा है उक्त महिला साधु कपिला संगम चमनगुफ़ा काली मंदिर पर  आश्रम में कभी नही रही और ना ही उक्त आश्रम में कोई अधिकार है उक्त साध्वी का आधार कार्ड परिचय पत्र जिसमे उनका स्थाई पता ग्राम भमरहा वार्ड नं 07 दर्ज था जिसे कूटरचित कर फर्जी तरीके से अमरकंटक वार्ड नं 07 दर्ज कराकर वार्ड नं 08 पर स्थित चमनगुफ़ा काली मंदिर आश्रम पर नाजायज कब्जा करने की योजना बनाकर अधिकार जताने का प्रयास किया जाकर जगतगुरु स्वामी रामराजेश्वरचार्य जी महराज वैष्णो परम्परा के आचार्य  की उपेक्षा कर उनकी प्रतिष्ठा धूमिल करने के पीछे महामंडलेश्वर लक्ष्मणदास  बालयोगी के नापाक इरादे शामिल है जिन्हें हम नगरवासी उनके मंसूबे को कभी पूरा नही होने देंगे।

*एक दिन पहले से व्हाट्सएप फेसबुक पर बुद्दी बाई का अनशन किसने किया वायरल*

ज्ञापन के माध्यम से आरोप लगाते हुए बताया की योजनाबद्ध तरीके से महामंडलेश्वर लक्ष्मण दास एवं रामबाबू चौबे के द्वारा बुधराम उर्फ बुद्दी बाई को न्याय नही मिला तो करेगी क्रमिक अनशन जैसा माहौल तैयार कर बुद्दी बाई को मोहरा बनाकर  व्हाट्सएप फ़ेसबुक पर चलाया गया जिससे अशांति का माहौल उत्पन्न हो सके और फिर अगले दिन स्वयं महामंडलेश्वर अपने सहयोगियों के साथ पहुँचकर अनशन पर बैठी साध्वी पर माल्यार्पण कर न्याय की गुहार पर अपनी सहमति जता कर गांधी जी के रास्ते पर चलकर क्रमिक हड़ताल अपना समर्थन दे दिया

कहीं इन सब के पीछे फलाहारी आश्रम का विवाद तो नही

साध्वी बुद्दी बाई द्वारा चमनगुफ़ा काली मंदिर आश्रम में अपने अधिकार को लेकर किये गए क्रमिक अनशन के पीछे अप्रत्यक्ष रूप से महामंडलेश्वर लक्ष्मणदास बालयोगी एवं जगत गुरु रामानंदाचार्य के बीच न्यायालय में चल रहे बिबाद का कोई हिस्सा तो नही जिसमे दावा आपत्ति की खुल रही पोल से हताश होकर दुर्भावनापूर्ण तरीके से ध्यान भटकाने वा दबाब बनाने को लेकर साध्वी को मोहरा बनाकर ऐसा अनशन करने की साजिश रची जा रही हो।