सुर्खियों में जैतहरी के रहवासी होटल्स
अनूपपुर - वैसे तो पुलिस सख्त है जिले की ऐसा पुलिस खुद मानती है आप के मानने न मानने से कुछ नही होगा लेकिन हमारे सूत्र जो बताते है वो चिंताजनक ही नही भयावह है और अगर ऐसा है तो फिर एक बार पुलिस की कार्यप्रणाली कटघरे में है 
दरसल जैतहरी के कई रहवासी होटलों में इन दिनों अवैध और आपत्तिजनक कार्य होते है सूत्रों की माने तो इन होटलों पर शराब और सबाब सब कुछ आसानी से संभव हो जाता है शाम ढलते ही इन होटलों में रात का चांद निकलता है और कई सूरज इस चांद की शीतलता में भीगने लगते है तो अवैध शराब भी बखूबी से परोसी जाती है
सूत्र बताते है कि इन होटलों में जैतहरी से लगे छत्तीसगढ़ राज्य से चांद निकल कर इन होटलों में उगता है और ये कार्य बदस्तूर काफी लंबे अरसे से जारी है
तो दूसरी तरफ हमारे सूत्र बताते है कि ऐसा नही है कि इन होटलों के बारे में किसी को जानकारी नही है चांद में बढ़ रहे प्रकति में बढ़ रहे प्रदूषण के खतरे को कम करने वाले इन्ही होटलों में रुकते है और जानकारी भी होती है पर मेहरबानी है कि बदस्तूर जारी है और शराब और सबाब का दौर बदस्तूर जारी है सूत्र बताते है कि इन होटलों में कुछ नामी गिरामी होटल भी है पर सब कृपापात्र से शराब और सबाब की दुर्गंध से जैतहरी नगर को प्रदूषित करने में अहम योगदान दे रहे है
तो दूसरी तरफ अनूपपुर जिले में संचालित कई ढाबों पर आसानी से शराब आप को उपलब्ध हो जाती है पर आज तक एक भी ढाबा संचालक पुलिस के हंथे नही चढ़े अपने आप मे सवाल खड़े करता है जबकि ये बात किसी से नही छुपी की ढाबों पर बेतहासा शराब बिक्री होती है और सूत्र बताते है कि कई ढाबे तो शराब बिक्री की बदौलत ही चल रहे है नही तो कब के बन्द हो चुके होते