भोपाल। किसानों की कर्जमाफी पर शुरू हुआ सियासी ड्रामा थमने का नाम नहीं ले रहा है। मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ भाजपा के आरोप-पत्र के बाद आज सुबह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेश पचौरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल किसानों की कर्ज माफी से जुड़े दस्तावेज लेकर शिवराज सिंह के घर पहुंचा था और उन्हें कर्जमाफी के सबूत सौंपे थे। लेेकिन कुछ देर बाद शिवराज सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके राहुल गांधी और कमलनाथ पर किसानों को धोखा देने का आरोप लगाया। शाम होते-होते खुद कमलनाथ इस मामले पर सफाई देने के लिए सामने आ गए और शिवराज सिंह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि,"शिवराज सिंह चौहान झूठ बोल रहे हैं। कर्ज माफी की असल हकीकत सामने लाने के लिए सामने आया हूं। मैं देर से बोलता हूं, कम बोलता हूं, लेकिन झूठ नहीं बोलता हूं।"

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि, "आज सुबह एक प्रतिनिधिमंडल सुरेश पचौरी के नेतृत्व में शिवराज सिंह के घर गए थे। उन्होंने 21 लाख किसानों की सूची दी। जिनका कर्जा माफ हो चुका है। ये लिस्ट छुपी हुई नहीं है। कृषि विभाग के पोर्टल पर है। शायद शिवराज जी पोर्टल खोलना नहीं जानते। इसलिए हमने जिलेवार उन्हें ये लिस्ट सौंपी। ये वो लिस्ट है। जिनका कर्जा माफ हो चुका है। मैंने 17 दिसंबर को शपथ लेने के बाद किसानों का कर्जा माफ करने का फैसला किया था और दो घंटे के भीतर ही इस फैसले से जुड़ी फाइल साइन कर दी थी।

 

कमलनाथ यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि, शिवराज सिंह किसान के बेटे बनते थे। लेकिन उन्होंने किसानों के पेट पर लात और पीठ पर गोली मारी है। वो कर्जमाफी के मामले में झूठ बोल रहे हैं।