प्रदीप मिश्रा के साथ हुई घटना के लिए जिला प्रशासन जिम्मेदार
अनूपपुर - इन दिनों पत्रकारों पर हमले कोई बड़ी बात नही है पर बड़ी बात ये है कि इसके जिम्मेदार वो सभी अधिकारी कर्मचारी है जो अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन ईमानदारी से नही करते,दरसल मामला बरगवां ग्रामपंचायत का है जहां भ्रष्टाचार चरम सीमा को पार करते हुए ऐसी ऊंचाई पर पहुंच गया कि जिला प्रशासन बी बौना साबित हो गया और भृष्टाचारियों के सामने नतमस्तक हो गया, 
बरगंवा ग्रामपंचायत से लगातार भृष्टाचार की शिकायतें आती रही कार्यवाही के नाम पर अधिकारी ढींगे पीटते रहे और भृष्टाचारियों को कोर्ट से निजात मिलती रही और आलम यह है कि भृष्टाचारी भी मजे में और जिला प्रशासन भी मौज में,अब पिस रहा एक पत्रकार अरे साहब आप देख कर अनदेखा न करो अगर समय रहते इन भृष्टाचारियों पर नकेल न कसी गई तो ये किसी बड़े हादसे को अंजाम देंगे जिसकी समस्त जिम्मेदारी आप की होगी,
दरसल बरगंवा पंचायत में हर काम मे अगर भृष्टाचार न हो तो काम ही नही होगा, और अगर कोई पत्रकार यहां के भृष्टचारो की परत दर परत उखाड़ने लगे तो उसकी जिंदगी में ये भृष्टाचारी राहु केतु बन कर मंडराने लगते है,
क्यों जिला प्रशासन रुनिया बाई पर नही कर रहा कार्यवाही बताया जाता है कि बरगंवा पंचायत के सचिव और सरपंच को राजनैतिक संरक्षण प्राप्त है जिसकी वजह से जिला प्रशासन हाँथ डालने से कतराता है तो पुलिस प्रशासन पंगू बना बैठा है
दरसल प्रदीप मिश्रा लगातार 8स ग्रामपंचायत के भृष्टाचार को उजागर करते रहे है है और कई बार खबरों का असर हुआ भृष्टाचार की जांच हुई भृष्टाचार पाया भी गया पर धन्य है इनके संरक्षक जो बार बार इनको भृष्टचारो से मुक्त करते हुए इन्हें भृष्टाचार करने की खुली आजादी दे देते है अब आप इसी बात से अंदाजा लगा सकते है कि इन हालातों में ये भृष्टाचारी एक अदने से पत्रकार का क्या हाल कर सकते है जिसके सामने जिला प्रशासन से लेकर राजनैतिक मठाधीस सभी पंगु बने बैठे है
हमारी बात पत्रकार प्रदीप मिश्रा हुई जिसे अब जान जाने का भय सताने लगा है और कभी भी किसी भी बड़ी घटना को इनके साथ अंजाम देने की साजिश रची जा रही है 

हाल ही में रुनिया बाई सरपंच ने हाँथ पाई करने का प्रयास किया कलर पकड़ी,मोबाइल छीनने का प्रयास करते हुए अभद्र शब्दों का स्तेमाल किया इसके बाद भी जिला प्रशासन नही जगा और अब एक पत्रकार के साथ किसी बड़ी घटना के इंतजार में बैठा है पुलिस महकमा और जिला प्रशासन

अगर पत्रकार को खबर लिखने की सजा साजिशन भुगतनी पड़ेगी तो उसकी समस्त जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी,यहां तक कि प्रदीप मिश्रा का कहना है कि रात को निकलना मुश्किल हो गया है कहीं न कहीं दो चार लोग आगे पीछे घूमते नजर आते है अब प्रदीप मिश्रा के आगे पीछे घूमने का मतलब क्या है हम भी समझ राजे है और जिला प्रशासन भी समझ ले समय रहते और होने वाली किसी बड़ी अनोहोनी से पहले सरपंच रुनिया बाई और सचिव के ऊपर सख्त कार्यवाही करते हुए भ्रष्टाचार के मामले की जांच कर इनसे पैसे वसूले जाएं और अगर समय रहते जिला प्रशासन कार्यवाही नही करता तो किसी बड़ी घटना से इनकार नही किया जा सकता जिसकी समस्त जिम्मेदारी जिला प्रशासन और पुलिस की होगी