छत्तीसगढ़ में बिलासपुर हाईकोर्ट ने गृह विभाग द्वारा कर्मचारी को गलती से किए गए अधिक वेतन भुगतान के मामले में रिकवरी के आदेश को निरस्त कर दिया है. दरअसल, गृह विभाग के तहत उप पुलिस अधीक्षक के पद पर विशेष जांच एजेंसी (एसआईबी) रायपुर में कार्यरत आदित्य हीराधर का वेतन निर्धारण के दौरान लिपिकीय त्रुटि की वजह से ज्यादा वेतन भुगतान करने में गलती हो गई थी.

साल 2013 में दंतेवाड़ा में इंस्पेक्टर के पद पर पोस्टिंग के दौरान उन्हें एसपी के आदेश से समयमान वेतनमान दिया गया था. इस दौरान बेसिक पे स्केल के निर्धारिण में गलती के चलते 2013 से 2018 तक तक कुल 2 लाख 75 हजार रुपए अधिक दे दिए गए. गलती सामने आने पर विभाग ने रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की.

एसआईबी के एसपी ने नोटिस जारी किया. साथ ही उनके बेसिक पे स्केल को 22, 680 रुपए से घटाकर 20, 420 रुपए कर दिया गया. इसके खिलाफ उन्होंने एडवोकेट प्रकाश तिवारी और पलाश तिवारी के जरिए हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी. याचिका में कहा गया था कि अधिक वेतन भुगतान होने में उनकी कोई गलती नहीं है. लिहाजा, याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने रिकवरी का आदेश निरस्त कर दिया है.

वहीं हाईकोर्ट ने गृह विभाग के याचिकाकर्ता को सुनवाई का मौका देते हुए बेसिक पे स्केल निर्धारण में हुई गलती पर विचार करने की छूट दी है.