बिलासपुर। वर्ष 2015 में बिलासपुर में स्वाइन फ्लू से तीन लोगों की मौत हो गई थी। इस दौरान पहल संस्था के प्रमुख चंद्रमौली वाजपेयी ने अपने वकील के जरिए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर स्वाइन फ्लू की जांच के लिए सिम्स में सर्वसुविधायुक्त लैब की मांग की थी। सुनवाई चल ही रही थी कि याचिकाकर्ता की बीमारी में मौत हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए चीफ जस्टिस अजय कुमार त्रिपाठी व जस्टिस पीपी साहू की डीबी ने याचिका को सुनवाई के लिए जारी रखा है।

याचिका में जानकारी दी गई थी कि राज्य शासन ने स्वाइन फ्लू की जांच के लिए जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में लेबोरेट्री स्थापित की है। जगदलपुर की दूरी बिलासपुर से 350 किलोमीटर से भी अधिक है। बिलासपुर के अलावा कोरबा,रायगढ़,जशपुर,अंबिकापुर व कोरिया जैसे दूरस्थ इलाकों में बीमारी फैलने की स्थिति में जांच के लिए जगदलपुर मेडिकल कॉलेज जाना और वहां से जांच रिपोर्ट लेकर आने में ही कई दिन लग जाएंगे।


लिहाजा सिम्स में अंचल के लोगों की सुविधा के लिए अत्याधुनिक लैब बनाया जाए। हाईकोर्ट ने जनहित याचिका को स्वीकार करते हुए केंद्र व राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। मामले की सुनवाई प्रारंभ हुई थी कि याचिकाकर्ता वाजपेयी की बीमारी में मौत हो गई ।

परिजनों ने इसकी जानकारी अपने वकील के माध्यम से हाईकोर्ट को दी । खास बात ये कि याचिकाकर्ता के वकील की जानकारी के बाद हाईकोर्ट ने जनहित याचिका को जारी रखने का न केवल रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दिए वरन सर्वसुविधायुक्त लेबोरेट्री स्थापना को लेकर राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

केंद्र ने सौंप दिया है जवाब

बीते सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने अपने वकील के माध्यम से डिवीजन बेंच के समक्ष जवाब पेश कर दिया है। केंद्रीय परिवार कल्याण मंत्रालय ने कहा है कि लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराना सरकार हमारी जिम्मेदारी है। लैब निर्माण और यहां सुविधा देने मुहैया कराने के लिए हम राजी है। इलाज की जिम्मेदारी और लैब स्थापना राज्य शासन का विषय है। इस संबंध में राज्य शासन को पत्र लिखकर निर्देशित किया जाएगा । राज्य शासन का जवाब आना बाकी है।
- चंद्रमौली की मृत्यु के बाद हमने अपने वकील के माध्यम से हाईकोर्ट को इसकी जानकारी दे दी है। मामला जनहित से जुड़ा हुआ है और एक गंभीर बीमारी की जांच के लिए लैब स्थापना की मांग की है लिहाजा हाईकोर्ट ने गंभीरता के साथ ही संवेदनशीलता दिखाते हुए जनहित याचिका को जारी रखने के निर्देश दिए हैं। - निरुपमा वाजपेयी, हाईकोर्ट वकील व परिजन याचिकाकर्ता