नई दिल्ली: एशिया कप 2018 टूर्नामेंट में आज यानि 19 सितंबर को एक बार फिर से भारत-पाकिस्तान आमने-सामने होंगे. चैंपियंस ट्रॉफी के तकरीबन सालभर बाद एक बार फिर से दोनों टीमें दुबई में आमने-सामने होंगी. भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले इस मैच को लेकर भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर ने अपनी राय सामने रखी है. भारत-पाकिस्तान और दूसरे सामाजिक मुद्दों को लेकर अपनी राय बेबाकी से रखने वाले गौतम गंभीर भारत और पाकिस्तान के क्रिकेट मैच के पक्ष में नहीं हैं.

गौतम गंभीर का कहना है कि भारत और पाकिस्तान के बीच किसी भी तरह का संबंध नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा, 'भारत और पाकिस्तान के बीच मैच नहीं होने चाहिए. पाकिस्तान के साथ सभी तरह के मैच खेलने पर पाबंदी हो.' 

गौतम गंभीर ने अपनी बात रखते हुए कहा, 'अगर हम पाकिस्तान से दि्वपक्षीय सीरीज (बाइलेटरल सीरीज) नहीं खेल सकते तो एशिया कप क्यों खेल रहे हैं. हम आईसीसी ट्रॉफी खेल सकते हैं, एशिया कप में खेल सकते हैं तो फिर दि्वपक्षीय सीरीज से ऐतराज क्यों?'
उन्होंने कहा कि, 'शर्तों के साथ कोई खेल नहीं खेला जा सकता है. या तो आप खेलिए या कुछ भी मत खेलिए.' उन्होंने कहा, 'मेरे लिए देश और देश के सैनिक पहले आते हैं. उसके बाद क्रिकेट. खेल के मैदान पर रिश्ते अलग और बॉर्डर पर अलग नहीं हो सकते हैं.' 

बता दें कि इस मैच के समय को लेकर हालांकि, पहले ही विवाद हो चुका है. टूर्नामेंट का कार्यक्रम घोषित होने के बाद की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बीसीसीआई ने इस कार्यक्रम पर आपत्ति जताई थी. वहीं, कुछ पूर्व खिलाड़ियों ने इस पर सवाल किए थे. टीम इंडिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने तो टूर्नामेंट से बायकॉट करने की सलाह भी दी थी. आयोजकों ने हालांकि मैच की तारीख में बदलाव नहीं किया था और भारत को यह मैच बिना किसी अंतराल के बिना भी खेलना पड़ेगा. 
मुंबई हमले के बाद दोनों देशों के बीच क्रिकेट हुआ था बंद
भारत और पाकिस्‍तान ने वर्ष 2007 के बाद से एक-दूसरे के खिलाफ सीरीज नहीं खेली थी. वर्ष 2008 के मुंबई आतंकी हमले के बाद से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट नहीं खेलने की बात हुई थी. 2008 नवंबर में मुंबई में आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच 2012 में द्विपक्षीय सीरीज खेली गई, जिसमें वन-डे और टी-20 मैच हुए थे. 2013 के बाद से दोनों देशों के बीच कोई भी बाइलेटरल सीरीज नहीं खेली गई है.