आधुनिक जीवन में सोशल मीडिया लोगों के जीवन का एक अहम हिस्सा बन चुका है. लेकिन बात अगर बच्चे के जन्म की हो तो सवाल ये उठता है कि आखिर सोशल मीडिया लोगों के जीवन को किस हद तक प्रभावित कर सकता है. 
आजकल शादी और ब्रेकअप से लेकर बच्चों के जन्म के अनुभव भी सोशल प्लेटफॉर्म पर बताए जा रहे हैं. सोशल मीडिया पर बच्चों के जन्म के अनुभव को शेयर करना एक ट्रेंड बन गया है.  दूसरी महिलाओं के मां बनने के अनुभव मां बनने जा रही महिलाओं के मन में बैठे डिलीवरी के डर को कम करने में मददगार साबित हो रहे हैं या नहीं. आइए जानते हैं. 
एक मिडवाइफरी लेक्चरर ने दावा किया है कि ये गर्भवती महिलाओं के मन में बच्चे के जन्म को लेकर खौफनाक डर पैदा कर सकता है. 
यूनिवर्सिटी ऑफ हुल की सीनियर शोधकर्ता Catriona Jones का मानना है कि बच्चों के जन्म की जो डरावनी कहानियां ऑनलाइन शेयर की जा रही हैं, वे महिलाओं में बच्चे के जन्म को लेकर कई तरह के डर पैदा कर रही हैं. इस डर को  tocophobia का नाम दिया गया  है. 
उन्होंने ये भी कहा कि गर्भावस्था के दौरान इन कहानियों को पढ़ने से गर्भवती महिला में तनाव और चिंता पैदा हो सकती है. आंकड़ों की मानें तो लगभग 14 फीसदी महिलाएं Tocophobia यानी बच्चे के जन्म को लेकर डर से जूझ रही हैं.
दरअसल, NHS ने पाया कि स्वस्थ महिलाएं भी नॉर्मल डिलीवरी से डर के चलते सिजेरियन डिलीवरी का विकल्प चुन रही हैं. इसके बाद जोन्स को इस पर स्टडी करने के लिए कहा गया.

UK की पैरेंटिंग वेबसाइट Mumsnet और Netmums गर्भवती महिलाओं को एक ऐसा प्लेटफॉर्म दे रही है, जहां वे अपने मां बनने के अनुभवों को शेयर कर सकती हैं. हालांकि इस पर मौजूद ग्राफिक्स महिलाओं के मन में कई तरह के डर पैदा कर रहे हैं. 
स्टडी की शोधकर्ता Catriona Jones  ने बताया कि अगर आप Mumsnet के फोरम पर जाएंगे तो आप पाएंगे कि महिलाएं अपने बच्चे के जन्म के अनुभवों को ऑनलाइन शेयर रही हैं. ये बेहद खौफनाक और डरावना है. 
उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि इससे समझौता करना आसान नहीं है क्योंकि इन सभी वेबसाइट पर बच्चे के जन्म को लेकर डरावनी और खौफनाक कहानियां है. 
पिछले साल की एक स्टडी के मुताबिक,  साल 2000 से ऑन लाइन दूसरी महिलाओं की डिलीवरी के अनुभवों को देखकर महिलाओं के मन में डर लगातार बढ़ रहा है. 
शोधकर्ताओं के मुताबिक, डिलीवरी को लेकर डर की वजह से कई महिलाएं हेल्दी होने के बावजूद बच्चों की डिलीवरी ऑपरेशन की मदद से करा रही हैं. 
हालांकि, Mumsnet के फाउंडर और सीईओ का मानना है कि बच्चे के जन्म की प्रक्रिया को पहले ही देख लेने से मां बनने वाली महिलाओं को मदद मिलती है.  
कुछ महिलाएं जहां इस ऑनलाइन मां बनने के अनुभवों को देखकर डर जाती हैं, वहीं कुछ महिलाओं का मानना है कि आधुनिक जीवन में मां बनने की प्रक्रिया के बारे में पहले से बात करना फायदेमंद होता है. 
ये कहना गलत नहीं होगा कि हर बच्चे का जन्म अलग तरीके से होता है और हर महिला का बच्चे के जन्म का अनुभव भी दूसरों से बेहद अलग होता है. 
कुछ महिलाएं ऐसी भी होती हैं जिनका बच्चे को जन्म देने का अनुभव अच्चा होता है. 
पैरेंटिंग वेबसाइट पर गर्भवती महिलाएं अच्छे और बुरे हर तरह के अनुभव को शेयर कर रही हैं. जहां कुछ महिलाएं अपने अनुभव को डरावना मानती हैं वहीं कुछ महिलाएं के अनुभव बेहद अच्छे होते हैं. इससे मां बनने जा रहीं महिलाओं को काफी जानकारी मिल सकती है, जो उनके लिए फायदेमंद साबित होगी.