नई दिल्ली । फेसबुक यूजर्स का डेटा लीक होना और उनकी निजता के साथ खिलवाड़ होना अब आम बात हो चुकी है। पहले के कई निजता और डेटा खुलासों के बाद एक बार फिर फेसबुक ने 600 मिलियन यूजर्स के पासवर्ड लीक कर दिए हैं। इन पासवर्ड को कंपनी के सर्वर में प्लेन टेक्स्ट में रखा गया था। इसका खुलासा क्रेब्सन सिक्यूरिटी ने किया है। क्रेब्सन सिक्यूरिटी ने फेसबुक के एक वरिष्ठ कर्मचारी का हवाला देते हुए इस रिपोर्ट में जानकारी दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि फेसबुक का यह पासवर्ड 20,000 फेसबुक कर्मचारियों के जरिए देखा जा सकता था। अब तक जितने भी खुलासे हुए हैं, उनमें यूजर के पासवर्ड और प्ले टेक्स्ट का हवाला दिया गया है। इसमें सन 2012 का जिक्र भी है। फेसबुक की जांच अभी भी चल रही है। फेसबुक ने एक पोस्ट में इस बात से इंकार किया है कि यूजर के पासवर्ड खुले में थे और उसे कर्मचारी देख सकते हैं। 
इस मामले को सबसे पहले जनवरी सन 2019 में उठाया गया था, जब कंपनी के सिक्योरिटी इंजीनियर, फेसबुक सॉफ्टेवयर इंजीनियर स्कॉट रेनफ्रो ने क्रेब्सन सिक्यूरिटी से कहा था कि जनवरी में हुए रूटीन सिक्योरिटी रिव्यू में हमने पाया कि कुछ यूजर के पासवर्ड पढ़े जाने वाले फॉर्मेट में हमारे इंटरनल डेटा स्टोरेज सिस्टम में मौजूद है। 
फेसबुक ने अपने बयान में कहा है कि उसने इस मामले को ठीक कर दिया है और वह उन सभी यूजर्स को नोटिफाई करेगा जिनके पासवर्ड प्लेन टेक्स्ट में हमारे सर्वर में उपलब्ध थे। कंपनी ने अपने बयान में कहा है कि उसने कई लाखों फेसबुक लाइट यूजर्स, लाखों फेसबुक यूजर्स और हजारों इंस्टाग्राम यूजर्स को नोटिफाई कर दिया है। कंपनी ने कहा हालांकि हमारे पास पासवर्ड उजागर होने के सटीक आंकड़े नहीं हैं, लेकिन रिपोर्ट में 200 मिलियन से 600 मिलियन की बात कही गई है।