सनातन के आराध्य प्रभु श्रीराम ने धर्म संस्थापना के लिए, अधर्म को मिटाने के लिए पावन भारत भूमि की अयोध्या नगरी में पर अवतार लिया थाI वो चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि थी..जब विधर्मियों से धर्म की रक्षा के लिए प्रभु श्रीराम इस धरा पर आये थे तथा उसके बाद उन्होंने क्रूर राक्षसों का वध करके धर्म की रक्षा की थीI यही कारण है कि चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को श्रीराम नवमी कहा जाता हैI भगवान श्री राम को विष्णु जी के 7 वें अवतार के रूप में जाना जाता हैI

अयोध्या में लोग इसे साक्षात् राम जन्मदिन के रूप में मनाते हैI अयोध्या के बड़े-बड़े मदिरों में इस दिन रामलला के जन्मदिन का उत्सव मनाया जाता है. इस दिन पवित्र नदियों में स्नान का भी बहुत लाभ होता हैI आज जब फिर से अधर्मी धर्म को हर कहीं ललकार रहे हैं और धर्म के पावन प्रतीक श्रीराम फ़टे तम्बू में पड़े हो तो जरूरत है श्रीराम के आदर्शों को ग्रहण कर लेने की और रावण रूपी विधर्मी कितने भी शक्तिशाली क्यो न हों, उनसे युद्ध कर के उन्हें परास्त करने की ..प्रभु श्रीराम सबको धर्म के लिए लड़ने की शक्ति दें .. जय श्री राम