*** देश मे 2019 क्रांति का आगाज ...चोरों ! चोरी छोडो । ***
( चुभती बात -- मनोज द्विवेदी, कोतमा- अनूपपुर)
   😎 देश के एक राज्य के मुख्यमंत्री , सबसे बडी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के हेलीकाप्टर को प बंगाल मे उतरने न देना ...फिर सीबीआई को भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्यवाही से बल पूर्वक रोककर ममता बनर्जी ने बतलाया कि यहाँ कानून व्यवस्था की स्थिति कितनी खराब है। यही सब कुछ किसी भाजपा / कांग्रेस शासित राज्यों में होता तो देश के तमाम एक्टिविस्ट , बुद्धिवादी पुरुस्कार वापसी गैंग रफीश कुमार के चैनल पर आरोपों की झडी लगा देता। नसीरुद्दीन जैसों को प बंगाल मे अराजकता, असहिष्णुता बिल्कुल नहीं दिखती क्योंकि यह उनके चश्मे से मेल खाता है। शारदा - रोजवैली मामले में लिप्त ममता की पार्टी के नेताओं के खुद डूबने - ममता के लालू बन जाने की प्रबल आशंका के कारण ही तमाम शर्म हया को त्याग कर छापों के बीच पुलिस कमिश्नर के समर्थन में उतरना पडा, सबसे अच्छा आईपीएस होने का प्रमाणपत्र जारी करना पडा। 
सुप्रीम आदेश के बीच देश की करोड़ो जनता भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्यवाही तथा ममता की खिसकती जमीन ,उसे थामने की भ्रष्ट कोशिशों को देख रही है। इससे भी अलग जो २०१९ की क्रांति बनने जा रही है वह यह कि भारत अब नारा लगाते दिख रहा है कि *** चोरों ! चोरी छोड़ो । ..... भ्रष्टाचारियों ! भ्रष्टाचार छोड़ो*** ।
   देश का बडा ईमानदार युवा देशभक्त तबका आजादी के बाद घुन की तरह देश को खोखला कर रहे भ्रष्ट, अनैतिक, मॊकापरस्त नेताओं को डस्टबिन में डालने को तैयार दिख रही है। कहने को यह २०१९ का आम चुनाव है। वस्तुतः यह २०१९ की महाक्रान्ति होगी जिसमे भ्रष्टाचार , सत्ता लोलुपता, अराजकता , धर्म - संप्रदाय- जाति भेद के नाम पर संतुष्टिकरण बनाम मुक्त नव भारत , स्वच्छ ईमानदार सशक्त भारत, राष्ट्रवादी विकसित भारत के निर्माण के बीच निर्णय होना है। लोग न तो कट्टरपंथ को झेलने को तैयार हैं न ही अराजकता ,अव्यवस्था को। 
जो भी दल देश को बांटने ,तोडने , लूटने की कोशिश करता दिखेगा ,जनता उसे हश्र तक पहुँचा कर दम लेगी। 
      भाजपा ,कांग्रेस जैसे बडे राष्ट्रीय दलों को सतर्क होने, चेत जाने की जरुरत है कि देश हित में वह सत्ता के लिये भ्रष्टाचार मे लिप्त ,सिद्धान्तविहीन, अराजक दलों को बढावा न दें....उनसे कोई समझॊता न करें। जाति ,भाषा , धर्म आधारित कुछ छोटी क्षेत्रीय पार्टियों के कुछ भ्रष्ट, अराजक परिवारवादी नेताओं के भ्रष्टाचार , उनके कार्यों से देश की छवि खराब हुई है, देश कमजोर हुआ है। भाजपा ,कांग्रेस सहित अन्य सभी विचारधारा वाले अच्छे क्षेत्रीय दलों को इस दिशा मे एक मन - एक सिद्धान्त बनाकर आगे आना होगा। सरकारें आती - जाती रहेगी , दल बनते बिगडते रहेंगे ...लेकिन देश को सर्वोपरि रखकर जो राजनीति करेगा ,देश उसे ही स्वीकार करेगा।