अपनो में मैं बेगाना सुनील सराफ

अनूपपुर - अनूपपुर जिले के कॉंग्रेस विधायक इन दिनों अपनो में मैं बेगाना जैसा महसूस कर रहे है सूत्र बताते है कभी विधायक बिसाहुलाल सिंह के काफी करीबी रहे सुनील सराफ आज कल अपने बड़बोले पन के चलते अपने ही पार्टी में विधायक तो है पर उनकी हालत अपनो में मैं बेगाना जैसी हो गई है सुनील सराफ विधायक बनने से पहले विधायक बिसाहुलाल सिंह के आमो खास में गिने जाते थे और हालात ऐसे थे कि उन दिनों कोतमा से विधायक रहे मनोज अग्रवाल को दरकिनार करते हुए सुनील सराफ अपना मतलब साधने में जुटे रहे और हालात ऐसे बने की मनोज अग्रवाल और बिसाहुलाल सिंह के बीच दूरियां बढ़ती गई और इसका फायदा उठाते हुए सुनील सराफ कुर्सी की दौड़ में आगे निकल गए और किस्मत में राजयोग लिखा था सो वो भी नसीब हो गया पर विधायक बने सुनील सराफ जी को मतलब तो अपना मतलब साधने में था फिर भला कोतमा के पूर्व विधायक मनोज अग्रवाल और अनूपपुर विधायक बिसाहुलाल सिंह के बीच लंबे समय से चली आ रही दूरियां खत्म हुई तो सुनील सराफ जी को कैसे    ये नजदीकियां रास आती और सूत्र बताते है कि आज कमलनाथ की मौजूदगी में विधायक बिसाहुलाल सिंह और सुनील सराफ के बीच जो कुछ हुआ वो इस बात की बानगी मात्र था कि विधायक सुनील सराफ को मनोज अग्रवाल और विधायक बिसाहुलाल सिंह के बीच बढ़ रही नजदीकियां रास नही आ रही और उसी का नतीजा है कि आज कमलनाथ की मौजूदगी में विधायक बिसाहुलाल सिंह जी के भाषण के दौरान सुनील सराफ ने बिसाहुलाल जी के भाषण में आपत्ति दिखाते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ के सामने रुतबा दिखाते हुए नजर आए अब भला सुनील सराफ जी को कौन समझाए की कुछ भी हो बिसाहुलाल सिंह और मनोज अग्रवाल के पास राजनीत का लंबा अनुभव है और इन दोनों नेताओं को आप से सीख लेने की न तो जरूरत है और न ही किसी का करीबी होने का दिखावा करने की

आज प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ अनूपपुर आये थे और इसी दौरान अनूपपुर विधायक सभा को संबोधित कर रहे थे और कमल नाथ जी का सम्बोधन करते हुए कहा आप देखियेगा मैं आप को निराश नही करूँगा आप ने मुझे कुछ खास ओहदा तो नही दिया और मुख्यमंत्री जी आप चाटुकारों से सावधान रहें मैं तो आप के साथ काम करते आया हूँ और कभी आप के साथ  और पार्टी के साथ न गद्दारी की है और न करूँगा पर यहां के लोग मेरे है और मेरे बुलावे पर आए है ये सभी अनूपपुर विधान सभा के लोग है बस इतना बोलना था कि कोतमा विधायक सुनील सराफ को ये बात नागवार गुजरी और प्रदेश के मुख्यमंत्री के मंच में होते हुए भी अनूपपुर विधायक बिसाहुलाल सिंह की तरफ इशारा करते हुए आपत्ति जताई जबकि वहाँ मौजूद हजारों जनता ये सब नाटक देख रही थी और कार्यक्रम खत्म होने के बाद लोग तरह तरह की बातें करते नजर आए पूरे घटना क्रम से ये लगा कि अनूपपुर जिले की कोंग्रेस में सब अपने आप को बाहुबली साबित करने में जुटे हुए है जबकि इन नेताओं की इन हरकतों से दूर दराज से आये हुए जमीनी कार्यकर्ता का मनोबल चूर चूर होता है पर यहां तो ग्रह युद्ध की नींव उस दिन रखी गई थी जिस दिन प्रदेश में कोंग्रेस की सरकार बनी और अनूपपुर जिले को मंत्री नही मिला निश्चित तौर पर अनूपपुर विधायक बिसाहुलाल सिंह मंत्री बनने के काफी करीब थे पर जिले की आपसी खींचतान ने जिले को सरकार में मंत्री पद से दूर रखा और वो दर्द आज मंच से दिखाई भी दिया अब देखना यह होगा सुलझे हुए नेता और मुख्यमंत्री कहे जाने वाले कमलनाथ क्या जिले में मची आपसी खींचतान को रोक पाएंगे या फिर अनूपपुर जिले को उसके अपने हाल पे छोड़ देंगे