टिकट बंटवारे के बाद बगावत और विरोध में जूझ रही भाजपा व कांग्रेस


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 भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपनों की बगावत से जूझ रही हैं। भाजपा ने 21 प्रत्याशी घोषित किए हैं, इनमें से आधी सीटों पर असंतोष, बगावत और नाराजगी है। डैमेज कंट्रोल में विफल प्रदेश भाजपा को केंद्रीय संगठन ने फटकार लगाई है।

केंद्रीय संगठन बाकी आठ सीटों पर पूरी सावधानी के साथ नाम तय करने में जुटा हुआ है। हालांकि, भाजपा ने डैमेज कंट्रोल के लिए संभागीय संगठन मंत्रियों, संभागीय प्रभारियों और जिला अध्यक्षों को मैदान में उतारा है। प्रदेश स्तर से संगठन महामंत्री सुहास भगत, चुनाव प्रभारी स्वतंत्र देव सिंह और उनकी टीम काम कर रही है।

भगत-आरडी से खतरा

भाजपा को बालाघाट सांसद बोधसिंह भगत के निर्दलीय मैदान में उतरने और टीकमगढ़ से पूर्व विधायक आरडी प्रजापति के सपा से चुनाव लडऩे के कारण नुकसान होता दिख है।

अपने ही कर रहे विरोध

सीधी प्रत्याशी रीति पाठक, भिंड प्रत्याशी संध्या राय, राजगढ़ प्रत्याशी रोडमल नागर और मंदसौर प्रत्याशी सुधीर गुप्ता को पार्टी के ही नेताओं और कार्यकर्ताओं का विरोध झेलना पड़ रहा है। यहां पार्टी चुनाव तक कोई कड़ी कार्रवाई करने के मूड में नहीं है, लेकिन बड़े पदाधिकारियों ने विरोध करने वालों को चेतावनी जरूर दे दी है।

कांग्रेस में कौन नाराज

खंडवा प्रत्याशी अरुण यादव का विरोध निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा कर रहे हैं। शेरा ने निर्दलीय नामांकन का ऐलान किया है। सतना में राजाराम त्रिपाठी को टिकट देने से पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह नाराज हैं। शहडोल में भाजपा छोड़ आई प्रमिला को टिकट मिलने पर कार्यकर्ताओं में असंतोष है।

कांग्रेस में कम नहीं असंतोष

विधानसभा चुनाव में बेहतर डैमेज कंट्रोल कर सत्ता में आई कांग्रेस लोकसभा चुनाव में इस मोर्चे पर कमजोर दिख रही है। प्रत्याशियों की घोषणा के बाद से ही कई जगह विरोध जारी है। विधानसभा चुनाव के समय रूठों को मनाने का जिम्मा पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह पर था, लेकिन अब वे भोपाल प्रत्याशी हैं। कांग्रेस में फिलहाल किसी अन्य को समन्वय की जिम्मेदारी नहीं दी गई है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ही मोर्चा संभाल रखा है।

कहीं बहुकोणिय तो कहीं कड़ा मुकाबला
नाम वापसी के आखिरी दिन शुक्रवार को इन छह सीटों पर स्थिति साफ हो गई

मंडला - यहां 10 प्रत्याशी मैदान में हैं। मुकाबला भाजपा प्रत्याशी फग्गन ङ्क्षसह कुलस्ते और कांग्रेस के कमल मरावी के बीच है। गोंगपा उपस्थिति दर्ज करा सकती है।

बालाघाट - यहां 23 प्रत्याशी मैदान में हैं। भाजपा के बागी बोधङ्क्षसह भगत और कंकर मुंजारे से मुकाबला बहुकोणीय दिख रहा है। भाजपा ने ढालसिंह बिसेन को टिकट दिया है। कांग्रेस के मधु भगत मैदान में हैं। किशोर समरीते ने भी निर्दलीय पर्चा दाखिल किया है।

शहडोल - यहां 13 प्रत्याशी मैदान में हैं। मुख्य मुकाबला भाजपा की हिमाद्री सिंह और कांग्रेस की प्रमिला ङ्क्षसह में मुकाबला है। भाजपा में सांसद ज्ञानसिंह की नाराजगी खतरा बन सकती है।

जबलपुर - यहां 22 प्रत्याशी मैदान में हैं। मुकाबला प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह और कांग्रेस के विवेक तन्खा के बीच है। विधानसभा की तीन सीटें खोने के बाद राकेश पर का दबाव है।

छिंदवाड़ा - सीएम कमलनाथ की इस सीट पर उनके पुत्र नकुलनाथ कांग्रेस प्रत्याशी हैं। वहीं, भाजपा ने नत्थन शाह कवरेती को प्रत्याशी बनाया है। यहां 14 प्रत्याशी मैदान में हैं।

सीधी - यहां  प्रत्याशी हैं। मुकाबला कांग्रेस के अजय सिंह और भाजपा की रीति पाठक में है। विधायक केदार शुक्ला और पूर्व सांसद  गोविंद मिश्रा की नाराजगी रीति के लिए चुनौती हैं। लेकिन अजय सिंह का पलड़ा भारी है कारण विधानसभा चुनाव में शासन के द्वारा की गई धोखाधड़ी से पूरे लोकसभा  की जनता विधानसभा का जवाब लोकसभा में देने को तैयार है

पार्टी के बी फॉर्म दिए बगैर नामांकन करने वाले पुराने कार्यकताओं से आग्रह कर रहे हैं कि पार्टी के हित में नाम वापस ले लें। असंतोष स्वाभाविक प्रकिया है। कोई पार्टी के प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ेगा तो संगठन के संविधान के अुनसार कार्रवाई का अधिकार पार्टी को है। - डॉ. दीपक विजयवर्गीय, मुख्य प्रवक्ता, प्रदेश भाजपा