डिंडौरी जिले के गौरा कन्हारी गांव में एक आदिवासी परिवार 11 सालों से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के वादों को पूरा होने के इंतज़ार में पलकें बिछाये बैठा है दरअसल वर्ष 2008 में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी एकता परिषद द्धारा आयोजित वन अधिकार महापंचायत कार्यक्रम में शामिल होने डिंडौरी जिले के बैगा आदिवासी बाहुल्य चांडा वनग्राम पहुंचे थे इस दौरान राहुल गांधी अचानक गौरा कन्हारी गांव में केशव नामक आदिवासी के घर पहुंच गये जहां केशव और उसकी पत्नी ने राहुल गांधी की जमकर खातिरदारी की थी। केशव की पत्नी कुम्हारिन ने राहुल गांधी के लिये अपने हाथों से मक्के का पेज,लाल भाजी और आम की चटनी बनाकर खाना खिलाया था। केशव ने उस वक्त राहुल गांधी से गांव में हैंडपंप,सड़क और पुल बनवाने की मांग की थी और राहुल गांधी ने केशव से वादा किया था कि बहुत जल्द उनकी मांग पूरी की जायेगी,राहुल की पहल पर केशव के घर के पास तत्काल हैंडपंप तो लगा दिया गया लेकिन सड़क और पुल का निर्माण आज तक नहीं हो पाया है लेकिन केशव और उसके परिवार को आज भी राहुल गांधी पर भरोसा है कि वो अपना वादा जरूर निभायेंगे। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि 2008 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने डिंडौरी विधानसभा से डॉक्टर नन्हे सिंह ठाकुर को अपना प्रत्याशी घोषित किया था तब दावेदारी कर रहे युवा नेता ओमकार मरकाम टिकट पाने के जुगाड़ में इसी केशव को अपने साथ लेकर दिल्ली राहुल गांधी के पास पहुँच गये थे,बताया जाता है कि केशव के ही कहने पर राहुल गांधी ने डॉक्टर नन्हे सिंह की टिकट काटकर ओमकार मरकाम को कांग्रेस का प्रत्याशी घोषित किया था,केशव की दरियादिली के कारण ही आज ओमकार मरकाम जनजातीय विभाग के कैबिनेट मंत्री बन पाना नसीब हुआ है लेकिन केशव की हालत आज भी जस के तस बनी हुई है,केशव और उसकी पत्नी को आज भी राहुल गांधी पर पूरा भरोसा है कि वो अपना वादा जरूर निभायेंगे वहीं कैबिनेट मंत्री ओमकार मरकाम से जब हमने इस मामले में बात की तो गनीमत यह है कि मंत्री जी को केशव का नाम तो याद है जब हमने मंत्री जी को राहुल गांधी के वादों की तरफ ध्यान दिलाया तो वे गोलमोल बातें कर अपनी जवाबदारियों से पल्ला झाड़ते नजर आये वहीँ बीजेपी के युवा नेता पंकज तेकाम ने कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथ लेते हुये राहुल गांधी व ओमकार मरकाम पर जमकर निशाना साधा है।