रायपुर | छत्तीसगढ़ शासन की राजीव गांधी किसान न्याय योजना लॉकडाउन में कृषकों के लिए वरदान बन गई है। सूरजपुर जिले के रामानुजनगर विकासखंड के ग्राम कैलाशपुर के अरुण कुमार साहू ने बताया कि छोटे किसान तथा उनके परिवार के जीविकोपार्जन का आधार केवल खेती किसानी एवं मजदूरी होने के कारण लॉकडाउन में बाहरी आय का स्रोत पूरी तरह से बंद हो गया था।  इस मुश्किल भरे हालातों में अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए वे सदैव  चिंतित रहते थे। प्रदेश के मुखिया श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश की जनता की वास्तविक आवश्यकताओं और समस्याओं को समझते हुए इस विषम परिस्थिति और संकट की घड़ी में राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत वर्ष 2019-20 में समर्थन मूल्य पर धान की बिक्री करने वाले किसानों के खाते में प्रथम किस्त की अंतरिम राशि का भुगतान कर एक संवेदनशील अभिभावक की भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का आभार व्यक्त करते हुए श्री अरुण बताते हैं कि उसके बैंक खाते में इस योजना के माध्यम से प्रथम किश्त के रूप में 12 हजार 847 रूपये की अंतरिम राशि जमा हुई है। इस राशि के जमा होने से हम जैसे अनेक गरीब, खेतिहर,मजदूर और किसानों के लिए बहुत बड़ी राहत है। इसी प्रकार गांव के कृषक रामजीतन साहू और रामअधीन साहू ने भी बताया है कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना की प्रथम किस्त की अंतरिम राशि के रूप में बैंक खातों में 25 हजार से अधिक राशि जमा हुई है जिससे वे बहुत खुश हैं। खेतों में जुताई नहीं होने के कारण खेत वीरान थे। राशि मिलने के तुरंत बाद ही हम लोगों के द्वारा ट्रैक्टर से खेतों की जुताई की गई और साथ ही साथ खाद बीज की भी खरीदी की है। उन्होंने राज्य सरकार की इस लोक कल्याणकारी योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का धन्यवाद करते हुए आभार व्यक्त किया है।