अनूपपुर कलेक्टर ने की अपील और बच्चों ने गवाई जान?
अनूपपुर कलेक्टर ने की अपील और बच्चों ने गवाई जान?
अनूपपुर / कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने सर्पदंश मामले को लेकर जन संपर्क विभाग के माध्यम से 15 जुलाई को अपील करते हुए कहा था कि अनूपपुर जिले के प्राथमिक, सामुदायिक तथा जिला चिकित्सालय में सर्पदंश से पीड़ितो के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं तथा इंजेक्शन उपलब्ध है। ऐसी ही अपील को सुनकर शायद बिजुरी निवासी नकीम कुरैशी के 06 वर्षीय बालक सुफियान कुरैशी को भी जहरीले सर्प दंश के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिजुरी ले जाया गया, लेकिन डाक्टरो की मौजूदगी न होने की वजह से बालक ने उपचार के अभाव में दम तोड़ दिया, जहाँ पर जिले की चौपट स्वास्थ्य व्यवस्थाओ की पोल खुल कर सामने आई | बातया जाता है की 31 अगस्त की रात लगभग 12 बजे उनका बेटा सुफियान सोते समय सांप के काटने से घायल हो गया परिजनों ने तुरंत बच्चे को बिजुरी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टर मौजूद नहीं थे। कम्पाउंडर ने डॉक्टर के निर्देश पर एक इंजेक्शन लगाया और बच्चा रातभर अस्पताल में पड़ा रहा। सुबह घर लौटने के बाद बच्चे की हालत बिगड़ने लगी। परिजन उसे दोबारा बिजुरी अस्पताल लाए, जहां से उसे गंभीर स्थिति में अनूपपुर जिला अस्पताल और फिर मनेंद्रगढ़ होते हुए अंबिकापुर रेफर कर दिया गया। दुर्भाग्य से अंबिकापुर ले जाते समय रास्ते में ही बच्चे की मौत हो गई। नकीम कुरैशी ने आरोप लगाया कि यदि डॉक्टर ने समय पर उचित उपचार किया होता तो उनके बेटे की जान बचाई जा सकती थी। लेकिन लापरवाही और उदासीनता के चलते मासूम को अपनी जान गंवानी पड़ी।
*कलेक्टर ने यह की थी अपील*
15 जुलाई 2025 को अनूपपुर कलेक्टर हर्षल पंचोली ने जनसंपर्क के माध्यम से अपील की थी कि जन सामान्य को चाहिए कि वे वर्षा ऋतु में विशेष सतर्कता बरतें। झाड़ियों, पुआल के ढेर, लकड़ी के गट्ठर आदि स्थानों में काम करने से पहले वहां डंडे या लाठी से हल्का प्रहार करें। अंधेरे में टॉर्च का उपयोग करें और बच्चों को बिना देखरेख खुले स्थानों पर न भेजें। घर के आसपास साफ-सफाई रखें, झाड़ियाँ काटें और कूड़ा-कचरा हटाएं। घरों की दीवारों में मौजूद दरारें बंद करें और खुले में सोने से परहेज़ करें। यदि किसी को सर्प ने डस लिया हो तो घबराएं नहीं, शरीर को शांत रखें और तुरंत नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुँचें। घाव को चाकू से काटना, चूसना या उस पर कोई रसायन लगाना अत्यंत हानिकारक है। झाड़-फूंक, टोना-टोटका या तांत्रिक क्रियाओं में समय न गंवाएं। यह समय जीवन रक्षक हो सकता है, इसलिए हर क्षण अमूल्य है।
सर्पदंश ग्रसित व्यक्ति को यथाशीघ्र नजदीकी अस्पताल ले जाएं। यदि संभव हो तो सांप का रंग, लंबाई या कोई चित्र याद रखें लेकिन उसे मारने या पकड़ने का प्रयास न करें, क्योंकि इससे और खतरा हो सकता है। कई बार सांप विषैला नहीं भी होता, पर उपचार में देर जानलेवा साबित हो सकती है। सभी नागरिकों से अपील है कि वे सर्पदंश से संबंधित इस आपदा को गंभीरता से लें। शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा किए गए प्रबंध तभी प्रभावी होंगे जब नागरिक स्वयं भी सावधानी बरतेंगे, समय पर उपचार लेंगे और जागरूकता फैलाने में सहयोग करेंगे। संयुक्त प्रयासों से ही सर्पदंश से होने वाली जनहानि को नियंत्रित किया जा सकता है।


