अनूपपुर की रिंग रोड परियोजना ठंडे बस्ते में? छह माह से नहीं दिखी कोई ठोस गतिविधि, जनता में बढ़ी चिंता

अनूपपुर। जिले के बहुप्रतीक्षित रिंग रोड परियोजना को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले लगभग छह माह से परियोजना में कोई उल्लेखनीय गतिविधि दिखाई नहीं दे रही है। न तो निर्माण कार्य शुरू हुआ है और न ही जमीन पर किसी प्रकार की प्रगति नजर आ रही है। इससे शहरवासियों में निराशा बढ़ रही है।

रिंग रोड परियोजना का उद्देश्य अनूपपुर शहर के भीतर बढ़ते यातायात दबाव को कम करना, भारी वाहनों को शहर से बाहर डायवर्ट करना तथा भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराना है। हाल के महीनों में परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 197.50 करोड़ रुपये बताई गई थी और प्रशासन द्वारा डीपीआर को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया का उल्लेख भी किया गया था। 

बढ़ते ट्रैफिक से लोग परेशान
शहर के मुख्य मार्गों पर प्रतिदिन भारी वाहनों की आवाजाही के कारण जाम की स्थिति बनती है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि रिंग रोड का निर्माण समय पर शुरू हो जाए तो शहर के भीतर ट्रैफिक का दबाव कम होगा, दुर्घटनाओं में कमी आएगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
जनता पूछ रही है सवाल
लोगों का कहना है कि जब परियोजना की घोषणा और सर्वे की बातें हो चुकी हैं, तब कार्य आगे क्यों नहीं बढ़ रहा? यदि कोई प्रशासनिक या तकनीकी बाधा है, तो उसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए ताकि नागरिकों को वास्तविक स्थिति का पता चल सके।
प्रशासन से अपेक्षा
शहरवासियों की मांग है कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग परियोजना की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करें, लंबित प्रक्रियाओं की जानकारी दें तथा निर्माण कार्य की संभावित समय-सीमा घोषित करें। इससे जनता में बनी अनिश्चितता दूर होगी।
विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना
विशेषज्ञों का मानना है कि रिंग रोड जैसी परियोजनाएं केवल यातायात व्यवस्था सुधारने तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि इनके माध्यम से नए औद्योगिक, व्यावसायिक और आवासीय विकास के अवसर भी पैदा होते हैं। इसलिए अनूपपुर जैसे तेजी से विकसित हो रहे जिले के लिए इस परियोजना का समय पर क्रियान्वयन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


कहां तक गुजरेगी सड़क

प्रस्तावित रिंग रोड अनूपपुर-जैतहरी मुख्य जिला मार्ग से शुरू होकर ग्राम कुशमहाई पिपरिया से अनूपपुर-दर्रीखेरवा मार्ग, कटनी-बिलासपुर रेलवे लाइन और अनूपपुर-चचाई मार्ग को क्रॉस करते हुए ग्राम करहीबाह (परसवार) और पोड़ी होते हुए एनएच-43 कटनी-गुमला चांडिल मार्ग के किलोमीटर 179 पर जाकर मिलेगा। प्रस्तावित बायपास की 2 किलोमीटर लंबा वन भूमि से होकर गुजरेगी।

बजट का पूरा लेखा-जोखा कुल लागतः 197.50 करोड़

फोर-लेन सड़क निर्माण (15.90 किमी) 79.50 करोड़

रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण 68.00 करोड़

2 मध्यम पुलों का निर्माण 9.00 करोड़

सोन नदी पर वृहद पुल निर्माण 14.00 करोड़

निजी भूमि का भू-अर्जन (मुआवजा) 25.00 करोड़

वन भूमि (फॉरेस्ट लैंड) प्रतिपूर्ति 2.00 करोड़