अनूपपुर जिले में बढ़े सर्पदंश के मामले, एक माह में 50 से अधिक मरीज अस्पतालों में भर्ती, पांच की मौत
अनूपपुर जिले में बढ़े सर्पदंश के मामले, एक माह में 50 से अधिक मरीज अस्पतालों में भर्ती, पांच की मौत
अनूपपुर, 02 जुलाई।
वर्षा ऋतु की शुरुआत के साथ ही जिले में सर्पदंश (सांप काटने) की घटनाओं में तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है। पिछले एक माह के दौरान अनूपपुर जिले के विभिन्न शासकीय अस्पतालों में 50 से अधिक सर्पदंश पीड़ितों को उपचार हेतु भर्ती कराया गया है। इनमें से अधिकांश मरीज समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने से स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं, जबकि पांच लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है।
जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैतहरी, कोतमा, पुष्पराजगढ़ तथा जिले के विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में लगातार सर्पदंश के मामले पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्षा प्रारंभ होते ही सांप अपने बिलों और प्राकृतिक आवासों से निकलकर भोजन एवं सुरक्षित स्थानों की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आने लगते हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक खतरा
जानकारों के अनुसार खेतों में कार्य करने वाले किसान, मजदूर तथा जंगल से जुड़े क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सबसे अधिक खतरा रहता है। रात के समय बिना रोशनी के चलना, घरों के आसपास झाड़-झंखाड़ का होना तथा बरसात के मौसम में पानी भर जाने से सांपों के घरों में घुसने की घटनाएं बढ़ जाती हैं।
समय पर उपचार से बच रही जान
चिकित्सकों का कहना है कि अधिकांश मामलों में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचा दिया गया, जिससे एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) इंजेक्शन और आवश्यक उपचार देकर उनकी जान बचाई जा सकी। हालांकि कुछ मामलों में देरी से अस्पताल पहुंचने अथवा झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ने के कारण स्थिति गंभीर हो गई और मरीजों की मौत हो गई।
सर्पमित्र चला रहे जागरूकता अभियान
जिले के सर्पमित्र एवं वन्यजीव संरक्षण से जुड़े स्वयंसेवक लगातार जागरूकता अभियान चला रहे हैं। अस्पतालों, ग्रामीण क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को सर्पदंश से बचाव और आपातकालीन उपचार संबंधी जानकारी दी जा रही है। सर्पमित्रों द्वारा लोगों को यह भी समझाया जा रहा है कि सांप दिखाई देने पर उसे मारने के बजाय प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें।
विशेषज्ञों की सलाह
सर्प विशेषज्ञों ने नागरिकों से अपील की है कि—
घर और आसपास की झाड़ियों की नियमित सफाई करें।
रात में टॉर्च का उपयोग करें।
खेतों में काम करते समय जूते एवं सुरक्षात्मक कपड़े पहनें।
सर्पदंश होने पर घबराएं नहीं।
झाड़-फूंक और अंधविश्वास से बचें।
मरीज को तत्काल निकटतम अस्पताल पहुंचाएं।
सांप को पकड़ने या मारने का प्रयास न करें।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध होने का दावा किया है। अधिकारियों ने बताया कि बरसात के मौसम को देखते हुए चिकित्सकीय अमले को सतर्क रहने और सर्पदंश के मामलों में त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले में लगातार बढ़ रही सर्पदंश की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और सर्पमित्रों ने आम नागरिकों से सतर्कता बरतने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता लेने की अपील की है।


