अनूपपुर : तिरंगा यात्रा के नाम पर खानापूर्ति? कचंद कदमों में सिमटी जिला प्रशासन की यात्रा
अनूपपुर : तिरंगा यात्रा के नाम पर खानापूर्ति? कचंद कदमों में सिमटी जिला प्रशासन की यात्रा
हर घर तिरंगा अभियान के बीच जिला स्तरीय आयोजन पर उठे सवाल, शहर के प्रमुख मार्गों तक नहीं पहुंची तिरंगा यात्रा
अनूपपुर। देश की स्वतंत्रता की वर्षगांठ के अवसर पर राष्ट्रीय गौरव और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से पूरे देश में हर घर तिरंगा अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अनूपपुर जिला प्रशासन द्वारा 14 अगस्त को जिला स्तरीय तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। हालांकि, आयोजन को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या जिला प्रशासन की यह यात्रा महज औपचारिकता बनकर रह गई?
*चंद कदमों में खत्म हुई यात्रा*
पिछले वर्षों में तिरंगा यात्रा को जिला मुख्यालय के प्रमुख मार्गों से निकालते हुए शहर के अलग-अलग हिस्सों तक ले जाया जाता था, जिससे आम नागरिक भी इससे जुड़ सकें और पूरे शहर में देशभक्ति का माहौल दिखाई दे।
लेकिन इस वर्ष आयोजित तिरंगा यात्रा को लेकर आरोप है कि कार्यक्रम सीमित दायरे में ही सिमट गया। यात्रा शासकीय तुलसी महाविद्यालय से प्रारंभ होकर स्मार्ट सिटी क्षेत्र तक आयोजित की गई और इसके बाद कार्यक्रम समाप्त हो गया।
*मुख्य मार्गों से नहीं गुजरी तिरंगा यात्रा*
जिला मुख्यालय के प्रमुख बाजारों और मुख्य मार्गों से तिरंगा यात्रा नहीं गुजरने के कारण आम नागरिकों की व्यापक भागीदारी भी नजर नहीं आई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब तिरंगा यात्रा का उद्देश्य जन-जन तक देशभक्ति का संदेश पहुंचाना है, तो इसे शहर के प्रमुख मार्गों तक क्यों नहीं ले जाया गया?
*पिछले वर्षों की तुलना में फीका नजर आया आयोजन*
स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्व में तिरंगा यात्रा को अधिक व्यापक स्वरूप दिया जाता था। यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरती थी और रास्ते भर लोगों में उत्साह दिखाई देता था। इस बार यात्रा का दायरा सीमित रहने से आयोजन को लेकर लोगों में निराशा देखी गई।
*‘हर घर तिरंगा’ अभियान में जनभागीदारी पर सवाल*
हर घर तिरंगा अभियान का मूल उद्देश्य लोगों को राष्ट्रीय ध्वज और देशभक्ति से जोड़ना है। ऐसे में जिला स्तरीय तिरंगा यात्रा यदि सीमित दूरी तक ही आयोजित की जाए तो उसकी व्यापकता और उद्देश्य को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस आयोजन को लेकर उठ रहे सवालों पर क्या स्पष्टीकरण देता है और आगामी कार्यक्रमों में तिरंगा यात्रा को व्यापक जनभागीदारी के साथ आयोजित करने की दिशा में क्या कदम उठाता है।


