अनूपपुर में झमाझम बारिश से हाहाकार, नदी-नाले उफान पर; कई गांवों का संपर्क टूटा

छटन नदी ने दिखाया रौद्र रूप, पुल के ऊपर से बह रहा पानी;  फुनगा चौकी प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर रोका आवागमन

अनूपपुर। जिले में लगातार हो रही झमाझम बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार बारिश के चलते जिले की अधिकांश नदी-नाले उफान पर हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होने लगा है और कई मार्गों पर संपर्क टूटने की स्थिति बन गई है। नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है।

अनूपपुर तहसील क्षेत्र के उप तहसील फुनगा से शिल्पा, बम्हनी, सेमरिया चौराहा, केशवाही और कोतमा की ओर जाने वाले संपर्क मार्गों पर बारिश का व्यापक असर पड़ा है। कई स्थानों पर पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

छटन नदी में भारी बाढ़, पुल के ऊपर से बह रहा पानी

धनगवां पश्चिम और बम्हनी के बीच स्थित छटन नदी में भारी बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई है। नदी का पानी पुल के ऊपर से तेज बहाव के साथ गुजर रहा है। स्थिति को देखते हुए  फुनगा चौकी प्रभारी सोने सिंह मौके पर पहुंचे और तत्काल आवागमन रोक दिया।

प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को समझाइश देते हुए कहा कि खतरे के निशान से ऊपर बह रहे पानी के दौरान किसी भी हालत में नदी पार करने का प्रयास न करें। तेज बहाव में थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

10.2 मिमी औसत बारिश दर्ज

अधीक्षक भू-अभिलेख अनूपपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में बीते 24 घंटे में 10.2 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। वर्षामापी केंद्र अनूपपुर में 9.3 मिमी, कोतमा में 25 मिमी, बिजुरी में 27.2 मिमी, जैतहरी में 4 मिमी, वेंकटनगर में 1.6 मिमी, पुष्पराजगढ़ में 3.6 मिमी, अमरकंटक में 3.3 मिमी तथा बेनीबारी में 7.4 मिमी बारिश दर्ज हुई है।

आंकड़ों के अनुसार बिजुरी और कोतमा क्षेत्र में सबसे अधिक बारिश हुई है। लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ता जा रहा है।

दो दिन से नहीं निकली धूप, बढ़ी परेशानी

जिले में पिछले दो दिनों से आसमान में बादल छाए हुए हैं और सूर्य देवता के दर्शन नहीं हुए हैं। लगातार बारिश के कारण वातावरण में नमी और ठंडक बनी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे रास्तों, छोटी पुल-पुलियों और संपर्क मार्गों पर पानी भरने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

दिहाड़ी मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट

बारिश का सीधा असर रोज कमाकर परिवार चलाने वाले दिहाड़ी मजदूरों पर भी पड़ा है। निर्माण कार्य और खेतिहर मजदूरी सहित कई काम प्रभावित होने के कारण मजदूरों को काम नहीं मिल पा रहा है। लगातार बारिश के कारण दो-तीन दिन काम बंद रहने से गरीब परिवारों के सामने घर का खर्च, राशन और बच्चों की जरूरतें पूरी करने की चुनौती खड़ी हो जाती है।

प्रशासन की अपील—जान जोखिम में डालकर नदी पार न करें

बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि तेज बहाव वाले नदी-नालों और जलमग्न पुल-पुलियों को पार करने का जोखिम न उठाएं। पानी कम होने का इंतजार करें और प्रशासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का पालन करें।

फिलहाल जिले में बारिश का दौर जारी है। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने के साथ ग्रामीण इलाकों में हालात पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। छटन नदी पर पुल के ऊपर से बहता पानी लोगों के लिए खतरे का संकेत है और ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।