अनूपपुर में निर्मित हो रहे फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण कार्य में निर्माण एजेंसी सुस्त, शीघ्र कार्य पूर्ण कराने की मांग


अनूपपुर । नगर के बहुप्रतीक्षित रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी)निर्माण कार्य की धीमी प्रगति अब आम नागरिकों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गई है। वर्षों से इस पुल के निर्माण का इंतजार कर रहे लोगों को राहत मिलने के बजाय लगातार जाम,अव्यवस्थित यातायात और दुर्घटना के खतरे का सामना करना पड़ रहा है। 
    निर्माण कार्य की सुस्ती और लापरवाही से नाराज़ नगरवासियों एवं सामाजिक,संगठन प्रतिनिधियों ने पत्रकारों के माध्यम से जिला कलेक्टर महोदय को संज्ञान मे लाकर  त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है। बताया गया कि संबंधित सेतु निर्माण एजेंसी द्वारा पर्याप्त मैनपावर,मशीनरी और संसाधन उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं।यही कारण है कि निर्माण कार्य की गति बेहद धीमी बनी हुई है।जबकि रेलवे साइड का अधिकांश कार्य लगभग पूरा हो चुका है,लेकिन शेष हिस्सों में प्रगति न के बराबर दिखाई दे रही है।
   स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पर्याप्त श्रमिक और मशीनरी लगाई जाए तो कार्य शीघ्र पूरा हो सकता है,लेकिन एजेंसी की उदासीनता के कारण कार्य जानबूझकर लटकता नजर आ रहा है।  रेलवे फाटक के आसपास प्रतिदिन सुबह से शाम तक जाम की स्थिति बनी रहती है।स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थी,अस्पताल पहुंचने वाले मरीज, व्यापारी,कर्मचारी एवं दैनिक यात्री घंटों जाम में फंसे रहते हैं।एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं को भी मार्ग मिलने में कठिनाई होती है,जिससे कभी भी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
         व्यापारियों का कहना है कि जाम के कारण बाजार की गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं,वहीं आमजन का समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही है।धूल और अव्यवस्था से आसपास के रहवासियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
                          नगरवासियों ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते निर्माण कार्य में तेजी नहीं लाई गई तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना भी हो सकती है,जिसकी जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी और प्रशासन की होगी।
    कलेक्टर से मांग की गई है कि निर्माण एजेंसी को सख्त निर्देश देकर पर्याप्त संसाधन एवं श्रमिक लगवाए जाएं,कार्य की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा तय समय-सीमा में ओवर ब्रिज का निर्माण पूर्ण कराया जाए, ताकि नागरिकों को राहत मिल सके।
 नागरिकों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन जनहित को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र ठोस कदम उठाएगा।वहीं चेतावनी भी दी गई है कि यदि समस्या का समाधान जल्द नहीं हुआ तो वे आंदोलन या धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।