अनूपपुर में मानवता हुई शर्मसार: नाबालिग को खंभे से बांधकर पीटने का वीडियो वायरल, कानून व्यवस्था पर उठे सवाल

अनूपपुर। जिले के अनूपपुर रेलवे स्टेशन क्षेत्र से सामने आए एक वायरल वीडियो ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। वीडियो में एक नाबालिग बच्चे को खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटते हुए देखा जा रहा है। इतना ही नहीं, घटना के दौरान मौजूद कुछ लोग इस अमानवीय कृत्य का वीडियो बनाते और हंसते हुए भी दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है तथा कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के अनुसार घटना अनूपपुर रेलवे स्टेशन के बाहर की बताई जा रही है। वीडियो में एक नाबालिग असहाय अवस्था में नजर आ रहा है, जबकि कुछ लोग उसे सार्वजनिक रूप से खम्बे मे बांध कर प्रताड़ित करते दिखाई दे रहे हैं। मानवाधिकारों और बाल संरक्षण कानूनों की दृष्टि से यह घटना अत्यंत गंभीर मानी जा रही है।

घटना को लेकर नागरिकों का कहना है कि यदि वीडियो में दिखाई दे रही घटनाएं सत्य हैं तो यह केवल एक बच्चे के साथ हुई मारपीट का मामला नहीं, बल्कि समाज में बढ़ती भीड़तंत्र की मानसिकता का उदाहरण है। लोगों का सवाल है कि आखिर घंटों तक चले इस कथित घटनाक्रम के दौरान स्थानीय पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की मौजूदगी क्यों नहीं रही और किसी ने बच्चे को बचाने का प्रयास क्यों नहीं किया।

सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। नागरिकों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। यदि किसी बच्चे पर कोई आरोप था तो उसे पुलिस के हवाले किया जाना चाहिए था, न कि सार्वजनिक रूप से प्रताड़ित किया जाना चाहिए था।

बाल अधिकार कार्यकर्ताओं का मानना है कि नाबालिगों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में संबंधित धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं समाज में भय और असुरक्षा का वातावरण पैदा करती हैं।

स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि वायरल वीडियो की तत्काल जांच कराई जाए, वीडियो में दिखाई दे रहे सभी आरोपियों की पहचान की जाए तथा उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही यह भी मांग उठ रही है कि घटना के समय मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो।

नागरिकों का कहना है कि यदि ऐसे मामलों में समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो कानून के प्रति लोगों का विश्वास कमजोर होगा और भीड़तंत्र को बढ़ावा मिलेगा। लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों को ऐसी सजा दिलाई जाए जो भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाने का काम करे।

फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। मामले की आधिकारिक पुष्टि एवं जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही घटना के सभी तथ्यों की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।