अनूपपुर में रोजगार का संकट: कोयला खदानों और पावर प्लांटों के बीच भी स्थानीय युवा बेरोजगार, पलायन बना मजबूरी
अनूपपुर में रोजगार का संकट: कोयला खदानों और पावर प्लांटों के बीच भी स्थानीय युवा बेरोजगार, पलायन बना मजबूरी
अनूपपुर। प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध अनूपपुर जिला आज रोजगार के गंभीर संकट से जूझ रहा है। जिले में कोयला खदानों, ताप विद्युत परियोजनाओं और औद्योगिक गतिविधियों की भरमार होने के बावजूद स्थानीय युवाओं को अपेक्षित रोजगार नहीं मिल पा रहा है। इससे बड़ी संख्या में शिक्षित और अशिक्षित युवा रोजगार की तलाश में गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और अन्य राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं।
स्थानीय युवाओं का आरोप है कि कोयला खदानों और पावर प्लांटों में ठेका कंपनियां बाहरी श्रमिकों को प्राथमिकता देती हैं, जबकि जिले के योग्य युवाओं को रोजगार के अवसरों से वंचित रखा जाता है। इससे स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने वाली सरकारी योजनाओं में भी हालात संतोषजनक नहीं बताए जा रहे हैं। युवाओं और ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्यों में लगातार मशीनों का उपयोग बढ़ने से श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसर घटे हैं। वहीं मजदूरी भुगतान में देरी और कथित भ्रष्टाचार जैसी शिकायतों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। यदि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होती है तो कई अनियमितताएं सामने आ सकती हैं।
जानकारों का मानना है कि रोजगार के अभाव का असर केवल आर्थिक स्थिति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। लगातार पलायन से गांवों में युवा आबादी कम हो रही है और परिवार आर्थिक व सामाजिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
हाल के वर्षों में अनूपपुर क्षेत्र में ताप विद्युत परियोजनाओं के विकास पर कार्य जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे औद्योगिक विस्तार का लाभ स्थानीय रोजगार और कौशल विकास से भी जुड़ना चाहिए।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को उद्योगों के साथ समन्वय स्थापित कर स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार नीति लागू करनी चाहिए। साथ ही भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, कौशल प्रशिक्षण, समय पर मजदूरी भुगतान और रोजगार योजनाओं की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
अब जिले के युवाओं की मांग है कि स्थानीय उद्योगों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाए, रोजगार योजनाओं में मशीनों के अंधाधुंध उपयोग पर नियंत्रण हो, कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कराई जाए और ऐसी ठोस नीति बनाई जाए जिससे अनूपपुर के युवाओं को अपने ही जिले में सम्मानजनक रोजगार मिल सके तथा पलायन की मजबूरी समाप्त हो।


