अनूपपुर मे थमे बसों ट्रकों के पहिये यात्री हुए परेशान @रिपोर्ट - मो अनीश तिगाला

अनूपपुर मे थमे बसों ट्रकों के पहिये यात्री हुए परेशान
@रिपोर्ट - मो अनीश तिगाला
अनूपपुर / हिट एंड रन मामले में लागू नए कानून का विरोध को लेकर मध्यप्रदेश में बस ड्राइवर हड़ताल पर हैं। जहाँ जिला मुख्यालय अनूपपुर सहित जिले के कई अन्य स्टैंड से बसें नहीं चल रही हैं। ड्राइवरों ने चक्काजाम की चेतावनी भी दी है। वे हिट एंड रन मामले में लागू नए कानून का विरोध कर रहे हैं, जिसमें 10 साल की सजा और 7 लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा ट्रक ड्रायवर्स ने भी देर रात अपने अपने ट्रक खड़े कर दिए हैं। हड़ताल ट्रांसपोर्टर्स ने नहीं, बल्कि सिर्फ ड्रायवर्स ने की है। बस न चलने की वजह से यात्री अनूपपुर मे परेशान होते इधर उधर वाहनों ढूढ़ते हुए परेशान दिखाई |
अनूपपुर से डिंडोरी बस चलाने वाले ड्राइवर राजेश ने कहा, 'मैं इस कानून की निंदा करता हूं। साथियों से कहना चाहता हूं कि वे भी इसका विरोध करें। मैंने बस सडक के किनारे पर खड़ी कर दी है। सभी बसवालों ने यहां बसें खड़ी की हैं। अनूपपुर जिले सहित अन्य बस स्टैंड के भी यही हाल हैं। सोमवार को कोई गाड़ी नहीं चलाएगा। हम 10 साल की सजा नहीं भुगत सकते और न ही सात लाख रुपए जुर्माना भर सकते हैं।'
नए कानून का विरोध
सांधा मोड़ अनूपपुर के पास ट्रक ड्राइवर ने भी अपने अपने ट्रकों को खड़ा कर रखा है, ट्रक ड्राइवरो ने कहा, 'नए कानून के विरोध में ट्रक खड़ा किया गया है । सभी ड्राइवर यही कर रहे हैं। हम वैसे भी 10-12 हजार रुपए महीने कमाते हैं। अगर कानून वापस नहीं लिया गया तो अब कोई दूसरा काम करेंगे, क्योंकि बच्चों का पेट पालना ही है।'
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट का कहना है की 2 जनवरी को देशभर के ट्रांसपोटर्स की बैठक करने वाले हैं। इसमें आगे के निर्णय लिए जाएंगे। इस नियम के आने के बाद भारी वाहन चालक अपनी नौकरियां छोड़ रहे हैं।'
भारतीय न्याय संहिता 2023 में एक्सीडेंट में दोषी वाहन चालकों को 10 साल की सजा का प्रावधान है, जो हमारे परिवहन उद्योग को खतरे में डाल रहा है। उन्होंने कहा, "हिट एंड रन के मामलों में कड़े कदम उठाने की जरूरत है और इसके पीछे सरकार का मकसद भी अच्छा है, लेकिन जो कानून प्रस्तावित है, उसमें कई सारी खामियां हैं। इस पर दोबारा सोचने की जरूरत है |