अमरकंटक थाना परिसर में खड़े वाहनों को आग ने लिया अपने आगोश में ,जंगल की आग बनी मुसीबत,,संवाददाता - श्रवण कुमार उपाध्याय
अमरकंटक थाना परिसर में खड़े वाहनों को आग ने लिया अपने आगोश में ,जंगल की आग बनी मुसीबत,,संवाददाता - श्रवण कुमार उपाध्याय

अमरकंटक - मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली पवित्र नगरी अमरकंटक में आज दिन मंगलवार 14/04/26 को जंगल में लगी आग ने बड़ा रूप ले लिया । नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 2 स्थित जंगल में दोपहर करीब 2 बजे लगी आग धीरे-धीरे फैलते हुए पुलिस थाना अमरकंटक परिसर तक पहुंच गई जिससे न्यायालय के आदेश पर सुरक्षा हेतु खड़े कई वाहन आग की चपेट में आ गए ।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हायर सेकेंडरी स्कूल और मध्य प्रदेश विद्युत मंडल वितरण केंद्र के पीछे आग भड़कनी शुरू हुई थी । इसकी सूचना समय रहते वन विभाग को दी गई लेकिन त्वरित कार्रवाई नहीं होने के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया ।
देखते ही देखते थाना परिसर में खड़े 709 और 407 ट्रक , चौपहिया वाहन , मोटरसाइकिल और ऑटो आग की चपेट में आ गए जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया । पुलिस कर्मियों ने तत्काल आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन तब तक आग काफी फैल चुकी थी ।

नगर परिषद अमरकंटक की ओर से अग्निशमन यंत्र बुलाया गया परंतु वह भी आग पर काबू पाने में नाकाफी साबित हुआ । उल्लेखनीय है कि परिषद का एक अन्य अग्निशमन वाहन पहले से ही ग्राम दोनिया में लगी आग बुझाने गया था जो तकनीकी खराबी के कारण वापस नहीं आ सका ।
समय रहते जागरूक नहीं हो पाते तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी क्योंकि घटनास्थल से लगभग 50 मीटर की दूरी पर पेट्रोल पंप तथा समीप ही विद्युत ट्रांसफार्मर स्थित है । यदि आग वहां तक पहुंचती तो बड़ा हादसा हो सकता था ।
सहायक उपनिरीक्षक पी.एस. बघेल ने बताया कि सूचना समय पर वन परिक्षेत्र कार्यालय को दे दी गई थी लेकिन उचित समय पर कार्रवाई नहीं होने के कारण यह नुकसान हुआ । प्रारंभिक अनुमान के अनुसार लाखों रुपये की क्षति हुई है ।
आग बुझाने में पुलिस स्टाफ और नगर परिषद के कर्मचारियों—शैलेंद्र तिवारी एवं शाहरुख खान—ने सराहनीय प्रयास किए । पुलिस टीम के उपनिरीक्षक पी.एस. बघेल , सहायक उपनिरीक्षक ईश्वर यादव , भगवान सिंह पाटले , प्रधान आरक्षक तिलक सिंह , पूरन सिंह , प्रवीण कुजूर , आरक्षक छोटेलाल साहू , पवन तिवारी , कृष्ण राजावत और रवि सिंह ने अथक मेहनत कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया है । घटना ने वन विभाग और अग्निशमन व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं ।


