अमरकंटक में विजयदशमी को अन्याय , अधर्म , अनीति रूपी रावण का हुआ दहन,दो सैकड़ा प्रतिमाओं का हुआ विसर्जन,पूरा नगर डूबा रहा धर्ममय वातावरण में ,,संवाददाता - श्रवण उपाध्याय
अमरकंटक में विजयदशमी को अन्याय , अधर्म , अनीति रूपी रावण का हुआ दहन,दो सैकड़ा प्रतिमाओं का हुआ विसर्जन,पूरा नगर डूबा रहा धर्ममय वातावरण में ,,संवाददाता - श्रवण उपाध्याय
अमरकंटक - मां नर्मदा की उद्गम स्थली/पवित्र नगरी अमरकंटक में विजयादशमी (दशहरा) के पावन पर्व पर असत्य पर सत्य की , अन्याय पर न्याय की , अधर्म पर धर्म की और अनीति पर नीति की विजय का प्रतीक विजयादशमी का पावन पर्व पवित्र नगरी अमरकंटक में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया ।
दशहरा का पर्व लम्बे समय से बंद था लेकिन पिछले वर्ष से अमरकंटक संत मंडल के अथक प्रयास से और नगर वासियों के सहयोग से यह दूसरा वर्ष बड़ी प्रसन्नता के साथ रावण दहन का आयोजन हजारों लोगों की उपस्थिति बीच मनाया गया ।
संत मंडल के अध्यक्ष श्रीमहंत रामभूषण दास जी महाराज ने और सचिव स्वामी लवलीन महाराज ने बताया कि असत्य पर सत्य का प्रतीक रूपी रावण का दहन करने का त्यौहार मनाया जाता है ।
अमरकंटक नगर में पंद्रह वार्ड है जिनमें लगभग बारह दुर्गा प्रतिमाएं विराजित की गई थी । नगर में स्थापित जगत जननी आदि शक्ति मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन बने कुंड में सम्पन्न हुआ । इसके साथ ही दस दिवसीय शारदीय नवरात्रि महोत्सव का समापन धार्मिक और आध्यात्मिक उल्लास के बीच हुआ ।
धार्मिक आस्था से सराबोर रहा नगर
नगर के विभिन्न वार्डों में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना पूरे विधि-विधान के साथ की गई थी । दस दिनों तक नगर में भजन-कीर्तन, पूजन-अर्चन और आराधना का दौर चलता रहा । आठवें दिन हवन एवं जवारे का विसर्जन हुआ तथा श्रद्धा से कन्या भोज कराया गया ।
भावभीनी विदाई
ग्यारहवें दिन मां दुर्गा की प्रतिमाओं का भव्य जुलूस गाजे-बाजे , डीजे की धुन और भक्तों की जयकारों के बीच निकाला गया । भक्तों ने मां की अंतिम आरती उतारी और नर्मदा पुष्कर बांध के समीप बने विसर्जन कुंड में प्रतिमाओं का विसर्जन किया । विदाई के समय श्रद्धालुओं ने मंगलकामनाएं व्यक्त करते हुए मां दुर्गा से आशीर्वाद मांगा कि सभी का जीवन सुख-शांति और समृद्धि से आलोकित रहे ।
लगातार चलता रहा विसर्जन
एक अक्टूबर बुधवार से ही अमरकंटक एवं आसपास के क्षेत्रों में प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू हो गया था , जो शुक्रवार आश्विन शुक्ल पक्ष एकादशी तक अनवरत चलता रहा । इस दौरान लगभग दो सौ से अधिक प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया ।
सुरक्षा व्यवस्था रहा चाक-चौबंद
विजयादशमी पर्व के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो , इसके लिए पुलिस बल मुस्तैद रही । पुष्पराजगढ़ एसडीओपी नयन तिवारी , नगर निरीक्षक लाल बहादुर तिवारी , उपनिरीक्षक पीएस बघेल , एएसआई ईश्वर यादव , कृष्ण राजावत और अमलेश बघेल सहित पूरी टीम सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रही।
नगर परिषद की सेवा व्यवस्था
नगर परिषद अमरकंटक की ओर से मुख्य नगर पालिका अधिकारी चैन सिंह परस्ते तथा स्टाफ—चैन सिंह मंडलोई, मनीष विश्वकर्मा, गणेश पाठक, सनत पांडे, गंगा सिंह और उमाशंकर परमार ने विसर्जन कुंड पर सफाई, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य सेवाओं की देखरेख की।


