अमृत भारत,गतिमान योजना में अनूपपुर जं.का अधूरा सौंदर्यीकरण,शहडोल की तरह जिले की झलक कहां...?


अनूपपुर ।दक्षिण पूर्व रेलवे के अंतर्गत अनूपपुर जंक्शन का अमृत भारत स्टेशन एवं गतिमान योजना के तहत सौंदर्यीकरण कार्य तेजी से किया जा रहा है।स्टेशन के भीतर और बाहर आकर्षक सजावट,रंग-रोगन और आधुनिक सुविधाएं विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं,जिससे स्टेशन की छवि बेहतर बने और यात्रियों को सुगम वातावरण मिल सके।
          हालांकि,स्थानीय नागरिकों एवं यात्रियों का कहना है कि सौंदर्यीकरण कार्य अभी भी अधूरा और असंतुलित नजर आ रहा है।स्टेशन के एक हिस्से को जहां आकर्षक रूप से सजाया गया है,वहीं दूसरी ओर पैदल ब्रिज के समीप का क्षेत्र उपेक्षित पड़ा हुआ है,जिससे समग्र सौंदर्य प्रभावित हो रहा है।
   यदि तुलना करें तो समीपवर्ती शहडोल स्टेशन पर स्थानीय प्राचीन मंदिरों और सांस्कृतिक धरोहरों की झलक सजावट में दिखाई देती है,जो यात्रियों को क्षेत्र की पहचान से जोड़ती है।इसी तर्ज पर अनूपपुर,जो कि अमरकंटक और मां नर्मदा उद्गम स्थल से जुड़ा धार्मिक एवं पर्यटन महत्व का केंद्र है,वहां स्टेशन परिसर के बाहर मां नर्मदा और अमरकंटक थीम आधारित सजावट की जानी चाहिए,ताकि यहां उतरने वाले यात्रियों को तुरंत धार्मिक और पर्यटन स्थल की जानकारी मिल सके।
  इसके अलावा यात्रियों की मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।स्टेशन के अंदर बने वेटिंग हॉल में स्नान की कोई व्यवस्था नहीं है,जिससे दूर-दराज से आने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।वहीं स्टेशन के बाहर पार्किंग क्षेत्र में सुलभ कॉम्प्लेक्स का अभाव भी यात्रियों के लिए असुविधा का कारण बना हुआ है।
    भारतीय गण वार्ता (भगवा पार्टी) के जिला प्रवक्ता धर्मेंद्र कांत तिवारी ने रेलवे प्रशासन एवं स्थानीय सांसद से मांग करते हुए कहा कि अनूपपुर धार्मिक एवं पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण जिला है,ऐसे में स्टेशन को भी उसी अनुरूप विकसित किया जाना चाहिए।उन्होंने शीघ्र मां नर्मदा थीम आधारित सौंदर्यीकरण,वेटिंग हॉल में स्नान व्यवस्था और पार्किंग स्थल पर सुलभ कॉम्प्लेक्स निर्माण कराने की मांग की है,ताकि यात्रियों को वास्तविक जनसुविधा मिल सके।
     स्थानीय नागरिकों का भी मानना है कि यदि इन मांगों पर शीघ्र अमल किया जाए तो अनूपपुर जंक्शन न केवल सुंदर बल्कि यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक और स्वागत योग्य बन सकेगा।