साँडी 77 बरियारी मरौली  खँड (5), मरका.. तेरा भदावल  खदानों मे लगातार जारी है NGtनियमों को ताक मे रख कर अवैध खनन,खनिज, प्रदूषण नियंत्रण, राजस्व, परिवहन व क्षेत्रीय पुलिस ने साधा मौन,,रिपोर्ट @ अजय कुमार यादव बांदा
बांदा।  प्रदेश में योगी सरकार को उसके प्रशासनिक अधिकारी मानो बदनाम करने करने का बीड़ा उठा रखा है। तभी सबकुछ देख कर भी आने वाले भविष्य में जनपद को रेगिस्तान बनाकर लगातार भयानक जल संकट की सौगात देने का प्रयास लगातार जारी है। मीडिया टीम सर्वे के मुताबिक जनपद में खनिज विभाग की कार्यशैली से खनन कारोबारी बेलगाम होकर एनजीटी शर्तों व खनन परिवहन नियमों को तार-तार कर करोड़ों रुपए के राजस्व की लूट-खसोट जारी किए हैं। जिसमें खनिज, परिवहन व राजस्व विभाग अपनी काली कमाई कर रहे हैं। इस धन वर्षा में उनकी उपयोगिता के अनुसार जेबें भी भरीं जा रही है। अब मण्डल से जनपद स्तर के उच्चाधिकारियों ने भी मौनव्रत धारण कर लिया पता नहीं इसके पीछे कौन सी अदृश्य शक्ति है जो प्रशासन की शक्ति को भी दबा रही है। मीडिया में नामी-गिरामी प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व अन्य संस्थानों ने लचर कार्यप्रणाली के चलते बहती धारा में बहना ही उचित समझा है। लेकिन कुछ कलमकारों ने यदि कोई खबर प्रकाशित की तो उसको मनगढ़ंत आरोप और कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर दबाने का काम किया गया है। इसके साथ कुछ  बहरुपिया दलाल  मीडिया की ठेकेदारी के दम पर हिस्सेदारी बनाकर लाखों रुपए वसूल रहे हैं और दिन दूने रात चौगुना तरक्की कर रहे हैं। 
 खनन कारोबारियों के आगे उच्चाधिकारियों व डीएम के आदेश भी फेल  साबित हो रहें  है तभी तो उनकी मरौली खंड 5 व बरियारी पैलानी तहसील की साँडी 77 से बालू कारोबारी बेधड़क नदियों की कोख को उजाड़ कर उसमें पलने वाले जलीय जीवों की निर्मम हत्या कर पूरे पारिस्थितिक तंत्र को बिगाड़कर लाल सोने को मानक से चार गुना ज्यादा ट्रकों में भरकर बेचने का काम लगातार जारी है। किसानों के खेतों में ओवरलोडिंग वाहनों की धमाचौकड़ी से खेतों को बंजर किया जा रहा है अभी विगत दिनो पैलानी तहसील  से आये किसानों ने जिलाधिकारी से मिलकर  खेतो को ट्रको द्वारा रौदकर नुकसान पहुंचाने पर शिकायती पत्र दिया था साँडी खदान मे बालू कारोबारी हैवीवेट मशीनरी केन नदी में मानक से कई गुना अधिक गहराई तक मौत के कुआं खोदकर क्षेत्रीय जनता को आकाल मृत्यु के मुहाने पर खड़ा कर रहे हैं। पैलानी थाना क्षेत्र में  साँडी व अन्य खदानों में नियमों के विपरीत खनन कारोबारी सिस्टम के साथ लगातार ओवरलोडिंग व अबैध खनन कर प्रतिदिन करोड़ों रुपए राजस्व की लूट-खसोट जारी किए हैं। और जिम्मेदार खाली कागजों पर सबकुछ आल इज वेल दिखाकर सभी नियम-कानून की हवा निकाल रहे हैं। बीच-बीच में समाजसेवी, किसान यूनियन, मीडिया व अन्य इसके लिए आवाज बुलंद करते हैं लेकिन धृतराष्ट्र नीति के कारण ये सूचना प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को नहीं होती है जिससे खदानों का काला सच लखनऊ तक ना पहुंच सके।  खनिज अधिकारी से फोन पर जानकारी लेनी चाही तो फोन रिसीव नही किया गया ।