विगत दो माह से भालूमाड़ा दफ़ाई तीन का विद्युत ट्रांसफार्मर जला,,स्थानीय लोगों ने नवरात्र,दशहरा,करवाचौथ,और अब दिवाली अंधेरे में मानने को हैं मजबूर - विजय उरमलिया की कलम से
विगत दो माह से भालूमाड़ा दफ़ाई तीन का विद्युत ट्रांसफार्मर जला,,स्थानीय लोगों ने नवरात्र,दशहरा,करवाचौथ,और अब दिवाली अंधेरे में मानने को हैं मजबूर - विजय उरमलिया की कलम से
अनूपपुर - कालरी प्रबंधन का दलाल रवि कुमार के तानासाही से भालूमाड़ा तीन नंबर की जनता त्रस्त हो चुकी है विगत दो महीने से अंधेरे में ज़िन्दगी जीने को मजबूर है यहां के रहवासी पर रवि कुमार एक तरफ अपने परिवार को कालरी की सुविधाएं अवैध रूप से उपलब्ध कराया हुआ है तो वही आम जनता को विगत दो माह से अंधेरे में रखा हुआ है सूत्र बताते है कि इन साहब जादे को राजनैतिक संरक्षण प्राप्त होने से आम जनता की कोई परवाह नही जो नेता महोदय चाहेंगे साहब वही करेंगे देखना लाजमी होगा कि क्या प्रबंधन आम जनता को इस त्योहार में कोई राहत देता है या फिर रवि कुमार की अपनी चलती है, रवि कुमार त्रिवेदी ने,,,विद्युत प्रवेक्षक भालूमाड़ा टाऊनशिप,का जब से प्रभार सम्हाला है,तब से भालूमाड़ा की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है,,,रवि कुमार महोदय भालूमाड़ा के स्थानीय निवासी हैं, और यही इनका गृहग्राम भी है,जिस कारण ये अपनी मनमानी पर अक्सर उतारू रहते हैं,,भालूमाड़ा टाऊन शिप के खासकर 3 नंबर निवासियों से इन्हें गंभीर ईर्षा हैं,आज पिछले दो माह के ऊपर से तीन नंबर कालोनी का विद्युत ट्रांसफार्मर जला हुआ है,,श्रीमान जी की मेहरबानी से इस बीच हिंदू धर्म का सबसे बड़ा पर्व नवरात्रि,दशहरा,करवाचौथ और आज दिवाली जैसा बड़ा त्यौहार भी इस क्षेत्र की जनता ने अंधेरे में बिताया है,,महोदय एक यूनियन के बड़े पद पर विराजमान हैं,निश्चित ये जानते हैं,आम कॉलरी श्रमिक इनको कुछ नहीं बोल सकते हैं,,क्योंकि ये बडका नेता जो ठहरे, पिछले दो माह से जब भी कॉलरी कर्मचारी,इनसे ट्रांसफार्मर लगाने की बात करते हैं,तो महाशय बड़े उदार मन से कहते हैं,वहा कॉलरी कर्मचारी कम और रिटायर्ड कर्मचारी ज्यादा रहते हैं,महोदय,जिस कालोनी 2नंबर में आप रहते हैं,वहां मुश्किल से पांच कॉलरी कर्मचारी सर्विस में होंगे,आपने अपने संरक्षण में अपने आजूबाजू क्यों सभी को कंपनी की विद्युत दी हुई है,,हलोब्लाक,संतोषी दफाई,गेट दफाई,पीली दफाई, ईटा दफाई,इन सभी कालोनियों में यदि मैनेजमेट सर्वे करे तो मुश्किल से हर दफाई में दस से पंद्रह ही कॉलरी कर्मचारी होंगे,जब की आज भी दफाई नंबर तीन में लगभग साठ कॉलरी में नौकरी करने वाले श्रमिक निवासरत हैं,जिनके दादा पिता और अब पोता ने आज तक कंपनी को अपनी सेवा देते आ रहे हैं,विद्युत प्रवेक्षक जी किसी भी कालोनी में जब कंपनी ने अपने अधिनस्त कर्मचारियों को विद्युत सुविधा दी हुई है,फिर आप कौन होते हो व्यवधान डालने वाले,,,और महोदय आपका सगा भाई भी तो रिटायर्डमैन कॉलरी कर्मचारी दो नंबर में निवासरत है,,क्यों उसने कॉलरी का क्वाटर अपने कब्जे में ले रखा है,,या तुमने अपने नाम से मकान एलाट कराके दिया है,,यदि दिया है तो क्या कंपनी के दो दो मकान पर कब्जा कर तुम कंपनी के नियमों का उल्लंघन नहीं कर रहे हो,,,तुम्हारे द्वारा कंपनी की विद्युत क्यों अपने भाई और रिश्तेदारों को दी गई है,,,रवि महोदय जी आपको तीन नंबर के कॉलरी श्रमिकों से कौन सी दुश्मनी और ईर्षा है,या ये कर्मचारी और लोगों की तरह तुम्हे मंथली नहीं पहोचते,,,जो तुम अपनी मनमानी पर उतारू हो,,,देखना होगा कॉलरी प्रबंधन वरिष्ठ अधिकारी जनहित में प्रकाशित इस समाचार को श्रमिक हित में स्वत संज्ञान लेते हैं,या नहीं,,,,,,,?
शेष भाग अगले अंक में___


