आस्था पर सवाल: गणेश विसर्जन कुंड में गजरे का पानी,,रिपोर्ट@राजकुमार गौतम उमरिया
आस्था पर सवाल: गणेश विसर्जन कुंड में गजरे का पानी
पाली - नगर पालिका द्वारा बनाए गए गणेश विसर्जन कुंड को लेकर श्रद्धालुओं में नाराज़गी बढ़ रही है। विसर्जन के लिए तैयार किए गए इस कुंड में गजरे (नाले) का पानी भरा गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थान पहले शौच और गाड़ियों की धुलाई के लिए कुख्यात रहा है। भले ही अब कुंड बनने के बाद वहां ऐसा न हो रहा हो, लेकिन आस्था की दृष्टि से यह जल विसर्जन योग्य नहीं माना जा सकता।

श्रद्धालुओं का कहना है कि 11 दिनों तक वे पूरी श्रद्धा और पवित्रता के साथ गणपति बप्पा की पूजा करते हैं, लेकिन जिस स्थान पर पहले गंदगी और अशुद्ध कार्य होते रहे हों, वहीं विसर्जन करना उनकी भावनाओं को आहत करता है।
लोगों ने यह भी कहा कि शासन के आदेशानुसार प्रतिमाओं का विसर्जन अब नदियों में नहीं किया जा सकता। ऐसे में प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए वे मजबूरन इस अपवित्र पानी में भगवान गणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन कर रहे हैं।

श्रद्धालुओं ने नगर पालिका से माँग की है कि कुंड को साफ-सुथरा कर उसमें स्वच्छ पानी भरा जाए, ताकि गणेशोत्सव का समापन श्रद्धा, गरिमा और पवित्रता के साथ हो सके।



