लाखों जनजातीय परिवारों को समृद्ध-स्वावलंबी बनाने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय  अमरकंटक तथा एकल अभियान के बीच हुआ समझौता हस्ताक्षरीत

आज  इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय तथा ,एकल अभियान एकल ग्रामोथान फाउंडेशन,के बीच जनजातीय युवाओं को स्वावलंबी तथा उद्यमी बनाने हेतु विशेष कौशल तथा स्थानीय संसाधनों में मूल्य संवर्धन के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम संचालित किए जाने के संदर्भ में महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गया। समझौता हेतु पिछले कुछ महीनो से गहन तैयारी की गई, जिसमें एकल द्वारा सुदूर जनजातीय अंचलों में संचालित संचालित *सवा लाख एकल विद्यालय, चार लाख गांव के प्रत्यक्ष गतिविधि एवं 400 जिलों* के जनजातीय तथा सुदूर ग्रामीण अंचल के युवाओं को स्वावलंबी एवं उद्यमी बनने के लिए आवश्यक गतिविधि संचालित किये जायेंगे। एकल के 31 वर्ष के चिरप्रतिक्षित महत्वाकांक्षी कार्य का नेटवर्क सम्पूर्ण भारत में है तथा जनजातीय विश्वविद्यालय का दायरा भी सम्पूर्ण भारत है, ऐसे में दोनों संस्थान मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वपूर्ण सपना समस्त जनजातीय परिवारों का स्वावलंबन एवं हर-घर-उद्यमिता के लक्ष्य को पूरा किया जायेगा। उच्च शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगारपरक प्रशिक्षण के क्षेत्र में एक नई दिशा स्थापित करेगा। इस अवसर पर विवि के प्र. कुलपति प्रो ब्योकेश त्रिपाठी, एकल अभियान के राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रख्यात पर्यावरणविद  डॉ. ललन कुमार शर्मा, ट्रस्ट बोर्ड के चेयरमैन लक्ष्मी नारायण गोयल प्रतिष्ठित सदस्य  नरेश जैन, एस.के. जिंदल,  चंद्रकांत रायपट,  रमेश कनोदिया,  सुनील अग्रवाल,  कुमार भास्कर शर्मा, डॉ. अर्धना शर्मा,  अश्वनी अग्रवाल, स्वावलंबी भारत अभियान के अखिल भारतीय सञ्चालन समिति सदस्य डीन प्रो विकास सिंह, वित्त अधिकारी प्रो गौरी शंकर महापात्रा, इंटरनेशनल डिवीज़न समन्वयक प्रो एस के बाराल, अभियांत्रिकी चीफ प्रो तरुण ठाकुर, डॉ विनोद वर्मा, डॉ कमलेश पांडे, डॉ दीपक त्रिपाठी, अनुराग सिंह, हरीश चन्द्र विश्वकर्मा, पंकज पयासी, आशीष गुप्ता, शोध विद्वान् चिन्मय पांडे, खेलन सिंह ओरके, आशिष कुमार, हिमांशू मेहरा सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे।
*विकसित भारत बनाने विवि अपने उद्देश्यों से जनजातीय उद्यमिता से समाज को समृद्ध बनाएगा-प्र .कुलपति प्रो ब्योमकेश*
इस अवसर पर प्र.कुलपति प्रो ब्योमकेश त्रिपाठी ने बताया की इस एमओयु (MOU)के तहत जनजातीय कला, क्राफ्ट, शिल्प से स्वरोजगार के अवसर तथा उद्यमी बनाने हेतु आवश्यक विभिन्न प्रशिक्षण पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे, तथा धरातल पर उद्यमी  बनेंगे, जनजातीय छात्रों को संयुक्त प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।जनजातीय छात्रों के लिए इंटर्नशिप के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उनके व्यावसायिक कौशल और रोजगार क्षमता में वृद्धि होगी। यह समझौता ग्रामीण शिक्षा, कौशल विकास और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और प्रगति को बढ़ावा देगा।