करोड़ों के निर्माण कार्यों के बीच उपयंत्री संतोष पांडे का तबादला,कमीशन मोह की चर्चाएं तेज
पाली। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आदेश दिनांक 25 फरवरी 2026 के तहत नगर पालिका परिषद पाली में पिछले 7–8 वर्षों से पदस्थ उपयंत्री संतोष पांडे का तबादला कर दिया गया है। आदेश जारी होते ही नगर पालिका परिसर और ठेकेदारों के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
स्थानीय स्तर पर लंबे समय से उनके कार्यकाल को लेकर शिकायतों की चर्चाएं रही हैं। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, सामग्री की खरीदी और भुगतान प्रक्रिया को लेकर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे। हालांकि विभागीय स्तर पर इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
नगरपालिका क्षेत्र में वर्तमान में करोड़ों रुपये के निर्माण कार्य प्रगति पर हैं, जिनमें से कई कार्यों के भुगतान लंबित बताए जा रहे हैं। ऐसे में तबादले को लेकर यह चर्चा भी जोरों पर है कि “करोड़ों के निर्माण कार्यों से जुड़े संभावित कमीशन” का मोह ही कहीं तबादले को रुकवाने की कोशिशों की वजह तो नहीं?
सूत्रों का दावा है कि तबादले के बाद आदेश पर रोक लगवाने के प्रयास किए जा रहे हैं और कानूनी विकल्पों पर विचार हो रहा है। हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
नगर पालिका से जुड़े कुछ लोगों का कहना है कि एक विशेष ठेकेदार को कथित रूप से विशेष लाभ मिलने की चर्चा लंबे समय से रही है। स्थानीय स्तर पर तो मजाक में “मामा-भांजा” तक की उपाधि दी जाने लगी थी। हालांकि इन दावों की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
तबादले के बाद अधिकांश ठेकेदारों और कर्मचारियों में संतोष का माहौल बताया जा रहा है, जबकि कुछ लोग इसे “प्रशासनिक कार्रवाई” मान रहे हैं।
अब सवाल यह है कि—
क्या लंबित निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच होगी?
क्या भुगतान प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी?
और क्या संबंधित अधिकारी को शीघ्र रिलीव किया जाएगा?
जनता की नजर अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है।