एमपी बीजेपी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री पारस जैन का निधन, प्रदेश की राजनीति में शोक की लहर
एमपी बीजेपी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री पारस जैन का निधन, प्रदेश की राजनीति में शोक की लहर
भोपाल/उज्जैन। मध्य प्रदेश की राजनीति के वरिष्ठ चेहरों में शामिल भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंत्री और उज्जैन उत्तर से कई बार विधायक रहे पारस जैन का निधन हो गया। वे 77 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनका इंदौर के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से भाजपा संगठन और प्रदेश की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई।
पारस जैन लंबे समय तक उज्जैन की राजनीति का प्रमुख चेहरा रहे। वे कई बार विधायक चुने गए और मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी भी निभाई। अपनी सादगी, जनसंपर्क और संगठन के प्रति समर्पण के कारण उन्हें भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिना जाता था। राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच वे "पहलवान" के नाम से भी प्रसिद्ध थे।
वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया था। इसके बाद वे सक्रिय राजनीति से कुछ दूर हो गए थे, हालांकि संगठन और कार्यकर्ताओं से उनका संपर्क लगातार बना रहा।
पारस जैन के निधन पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि पारस जैन ने अपना पूरा जीवन संगठन और जनसेवा को समर्पित किया। उनका निधन भाजपा परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है।
उनके निधन की सूचना मिलते ही भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। उज्जैन सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में उनके समर्थकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सार्वजनिक जीवन और जनसेवा को याद किया।
पारस जैन का राजनीतिक जीवन चार दशकों से अधिक समय तक सक्रिय रहा। वे भाजपा के उन नेताओं में शामिल थे जिन्होंने संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ उज्जैन क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके निधन से मध्य प्रदेश की राजनीति ने एक अनुभवी और जनप्रिय नेता को खो दिया है।


