कलेक्टर धरनेंद्र जैन का औचक निरीक्षण,पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों को लगाई फटकार, एनआरसी में मिली गंभीर अनियमितताएं,,रिपोर्ट@राजकुमार गौतम उमारिया
कलेक्टर धरनेंद्र जैन का औचक निरीक्षण,पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों को लगाई फटकार, एनआरसी में मिली गंभीर अनियमितताएं

पाली (उमरिया)। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के उद्देश्य से धरनेंद्र जैन ने पाली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।
कलेक्टर ने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति भी जांची। इस दौरान बीएमओ पुट्टू लाल सागर अनुपस्थित पाए गए। उपस्थित डॉक्टरों के अव्यवस्थित पहनावे पर भी कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए फटकार लगाई और अस्पताल में अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए।

मरीजों की सुविधाओं का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया गया। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और इलाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एनआरसी केंद्र में मिली खामियां, रजिस्टर महीनों से अपूर्ण
इसके बाद कलेक्टर ने अस्पताल परिसर स्थित एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) का निरीक्षण किया। वहां भर्ती माताओं एवं उनके बच्चों की स्थिति के बारे में जानकारी ली गई। कलेक्टर ने संबंधित कर्मचारी को निर्देशित किया कि 14 दिवस की अवधि पूर्ण किए बिना किसी भी बच्चे को छुट्टी न दी जाए।
एनआरसी की रसोई की जांच में गंभीर खामियां सामने आईं। निरीक्षण के समय न तो पोषक सब्जियां उपलब्ध थीं और न ही दूध। कलेक्टर के पहुंचने के बाद तत्काल दूध मंगाया गया।

जब स्टॉक रजिस्टर की मांग की गई तो पाया गया कि रजिस्टर कई महीनों से अपूर्ण है। इससे यह आशंका जाहिर होती है कि खाद्य सामग्री एवं खर्च का समुचित लेखा-जोखा दर्ज नहीं किया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने संपूर्ण रिकॉर्ड कलेक्टर कार्यालय तलब कर लिया है।
रात्रिकालीन व्यवस्था पर उठे सवाल
निरीक्षण के दौरान रात्रि ड्यूटी में डॉक्टरों की लापरवाही का मुद्दा भी सामने आया। कलेक्टर ने डॉक्टरों की कमी का हवाला देते हुए कहा कि रात्रि में डॉक्टर ऑन-कॉल उपलब्ध रहते हैं।
हालांकि, नगरवासियों का कहना है कि वास्तविक स्थिति इससे भिन्न है। दो दिन पूर्व ही पाली निवासी संजय गौतम अपनी गर्भवती पत्नी को तड़के सुबह 4 बजे अस्पताल लेकर पहुंचे थे। उस रात ड्यूटी डॉक्टर पवन दीपंकर बताए जा रहे थे, जिन्हें कई बार कॉल किया गया लेकिन कॉल रिसीव नहीं किया गया। यहां तक कि स्टाफ नर्स का भी फोन अटेंड नहीं हुआ।
नगरवासियों का कहना है कि यदि ऐसी लापरवाही पर पर्दा डाला जाता रहा तो व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है। उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि दोषी डॉक्टरों एवं कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में मरीजों को परेशानी न झेलनी पड़े।
प्रशासन सख्त, अब कार्रवाई की प्रतीक्षा
कलेक्टर के औचक निरीक्षण से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। अब देखना होगा कि एनआरसी में मिली अनियमितताओं और रात्रिकालीन लापरवाही के मामले में क्या ठोस कार्रवाई होती है।
नगरवासियों को उम्मीद है कि यह निरीक्षण केवल औपचारिकता न रह जाए, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में वास्तविक सुधार का मार्ग प्रशस्त करे।


