कल्याण सेवा आश्रम में श्री अष्टोत्तर शत् शिव महापुराण कथा का भव्य आयोजन में संतों का किया गया सम्मान,,संवाददाता - श्रवण उपाध्याय 

अमरकंटक - मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली पवित्र नगरी अमरकंटक के कल्याण सेवा आश्रम में चल रही श्री अष्टोत्तर शत् शिव महापुराण कथा एक अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन है , जिसमें आचार्य महामंडलेश्वर ब्रह्मऋषि स्वामी रामकृष्णानंद जी महाराज सहित अनेक संतों का विधिवत सम्मान एवं स्वागत किया गया।

इस आयोजन में श्री कल्याण सेवा आश्रम के संतों सहित स्वामी हर स्वरूप जी महाराज , स्वामी धर्मानंद जी महाराज , स्वामी सुंदरानंद जी महाराज , स्वामी निमियानंद जी महाराज , स्वामी धूनी वाले बाबा आदि पूज्य संतों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और अधिक बढ़ाया साथ ही उपस्थित सभी संतो इस बीच सम्मान किया गया 

अष्टोत्तर शत् शिव महापुराण एक अत्यंत पूज्यनीय धार्मिक ग्रंथ है , जिसमें भगवान की महिमा , उनके अवतारों की कथाएं तथा जीवन को धर्म और सत्य के मार्ग पर ले जाने वाले उपदेश निहित हैं । इस कथा के श्रवण मात्र से श्रद्धालुजनों को न केवल आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है , बल्कि उन्हें धर्म , भक्ति और जीवन मूल्यों की भी गहराई से समझ मिलती है  ।
आचार्य महामंडलेश्वर ब्रह्मऋषि स्वामी रामकृष्णानंद जी महाराज ने कथा को अत्यंत विधिपूर्वक , सरल एवं भावपूर्ण शैली में प्रस्तुत किया । उनकी गूढ़ आध्यात्मिक व्याख्याएं और सहज भाषा में दिए गए उपदेशों ने श्रोताओं को गहराई से प्रभावित किया और उन्हें भगवान की भक्ति में लीन होने का अवसर प्राप्त हुआ ।