कोतमा : 11 केवी बिजली लाइन की चपेट में आया युवक, हालत गंभीर; मामले को दबाने का भरपूर प्रयास

कोतमा/अनूपपुर। कोतमा थाना क्षेत्र के ग्राम बरगवां निवासी 18 वर्षीय मोनू यादव के गंभीर रूप से करंट की चपेट में आने का मामला सामने आया है। परिजनों एवं स्थानीय लोगों के अनुसार, मंगलवार शाम लगभग 6 बजे मोनू यादव कोतमा नगर के वार्ड क्रमांक 6 स्थित देवगांव सोसाइटी  के कर्मचारी सुरेंद्र पांडे  के मकान मे हरी लकड़ी और बांस से एक घर तैयार करने का कार्य कर रहा था। इसी दौरान निर्माणधीन घर के ऊपर से कथित तौर पर 11 केवी विद्युत लाइन गुजरी हुई थी जहाँ वह लकड़ी से संपर्क में आ गई, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया।
बताया जा रहा है कि घायल युवक को पहले चोरी छुपे  अनूपपुर जिला अस्पताल, फिर शहडोल और बाद में उपचार के लिए भिलाई रेफर किया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पूरे मामले को सार्वजनिक होने से बचाने का प्रयास किया गया।

*लापरवाही पर उठे सवाल*

घटना के बाद क्षेत्र में यह सवाल उठ रहे हैं कि उच्चदाब विद्युत लाइन के नीचे या उसके बेहद निकट निर्माण कार्य कैसे कराया जा रहा था और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार व्यक्तियों पर कार्रवाई की मांग की है।

*सोसाइटी कर्मचारी पर पुराने आरोप भी चर्चा में*

स्थानीय स्तर पर संबंधित सोसाइटी कर्मचारी सुरेंद्र पांडे को लेकर भी विभिन्न आरोप लगाए जा रहे हैं। कुछ लोगों का दावा है कि उनके विरुद्ध अतीत में भूमि खरीद के भी गंभीर आरोप लगा चुके हैं लगभग 50 एकड़ भूमि गरीबों से छल कपट कर  लिए जाने का आरोप है | सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े मामलों को लेकर भी विवाद रहे हैं। यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि राशन वितरण में कथित अनियमितताओं के मामले में उनके खिलाफ  तत्कालीन कलेक्टर हर्षल पंचोली द्वारा भालू माडा थाने एफआईआर दर्ज कराई गई थी जहां वह इस मामले में लगभग डेढ़ वर्ष तक फरार रहे | 
  
*जांच और कार्रवाई की मांग*

घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि विद्युत विभाग, श्रम विभाग और पुलिस संयुक्त रूप से मामले की जांच करें, यह स्पष्ट करें कि सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं, तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।