कड़ाके की रात 7.3°C… और पाली नगर पालिका की लापरवाही का तापमान चरम पर

उमरिया जिले में ठंड लगातार अपना असर दिखा रही है। पिछले एक सप्ताह से जहाँ रात्रि का तापमान लगभग 8 डिग्री के आसपास बना हुआ था, वहीं रविवार की रात 1.1 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और तापमान लुढ़ककर सीधे 7.3 डिग्री सेल्सियस पर पहुँच गया। यह मौसम का अब तक का सबसे ठंडा दौर माना जा रहा है।

ऐसी कड़ाके की ठंड में शहर के लोगों को राहत देने के लिए नगर पालिका परिषद पाली की ज़िम्मेदारी थी कि प्रमुख चौक-चौराहों, बाज़ारों और रातभर सक्रिय स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की जाए।
लेकिन हैरानी की बात है कि नगर पालिका अब तक एक भी जगह अलाव की व्यवस्था नहीं कर सकी है।

शहर में मजदूर, रिक्शाचालक, राहगीर, बुजुर्ग और आम लोग ठंड से ठिठुर रहे हैं, जबकि नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि मानो पूरी तरह बेपरवाह बने हुए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि
“नगर पालिका उन कामों में तो पैसा बहा देती है, जिनकी जनता को ज़रूरत ही नहीं होती,
लेकिन जहाँ जनता की जान और राहत से जुड़ी ज़रूरत हो—अलाव जैसी—वहाँ ये पूरी तरह नदारद रहती है।”

जनता अब सवाल उठा रही है कि आखिर इतनी ठंड में भी नगर पालिका क्यों नहीं जागी?
क्या प्रशासन मीडिया रिपोर्ट और जनता के दबाव के बाद अलाव की व्यवस्था करेगा?
या फिर कागज़ों में खानापूर्ति कर दी जाएगी?

फिलहाल इतनी कड़ाके की रातों में नगर पालिका की लापरवाही का तापमान जनता की नाराज़गी के साथ चरम पर पहुँच चुका है।