खबर का असर: आशीर्वाद हॉस्पिटल में जिला प्रशासन का छापा, सील करने की कार्रवाई शुरू
खबर का असर: आशीर्वाद हॉस्पिटल में जिला प्रशासन का छापा, सील करने की कार्रवाई शुरू
महिला की मौत के मामले में प्रशासन सख्त, अस्पताल में भर्ती मरीजों को जिला चिकित्सालय किया जा रहा शिफ्ट
अनूपपुर। जिला मुख्यालय स्थित आशीर्वाद हॉस्पिटल में महिला की मौत के मामले को लेकर आर एक्सपोज न्यूज़ पोर्टल द्वारा प्रकाशित खबर का बड़ा असर सामने आया है। खबर को संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर अनूपपुर ने मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग का अमला अस्पताल पहुंचा और अस्पताल को सील करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
बताया गया कि जिला चिकित्सालय में भर्ती एक महिला मरीज को उपचार के लिए आशीर्वाद हॉस्पिटल ले जाया गया था, जहां उसकी मौत हो गई। प्रकाशित खबर में यह भी आरोप सामने आया था कि अस्पताल में ऐसे डॉक्टरों के नाम पर मरीज का उपचार किया जा रहा था, जो मौके पर मौजूद नहीं थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल में दी दबिश
कलेक्टर के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आशीर्वाद हॉस्पिटल पहुंचकर अस्पताल संचालन से संबंधित दस्तावेज एवं अन्य आवश्यक जानकारियां मांगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अल्का तिवारी स्वयं मौके पर पहुंचीं और अस्पताल प्रबंधन से विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया।
बताया जा रहा है कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा स्वास्थ्य विभाग की टीम को आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अमले ने अस्पताल को सील करने की कार्रवाई शुरू कर दी।
भर्ती मरीजों को जिला चिकित्सालय किया जा रहा शिफ्ट
अस्पताल में उपचाररत मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें जिला चिकित्सालय अनूपपुर में शिफ्ट किया जा रहा है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
मामले की जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
महिला मरीज की मौत और अस्पताल संचालन से जुड़े आरोपों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर जांच की जा रही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में अस्पताल संचालन, चिकित्सकों की उपलब्धता और मरीजों के उपचार से संबंधित क्या तथ्य सामने आते हैं।
आर एक्सपोज न्यूज़ पोर्टल द्वारा उठाए गए मामले पर जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही के मामलों को लेकर प्रशासन गंभीर है।


