*गर्मियों में अमरकंटक बन रहा सैलानियों की पहली पसंद*

जी हाँ, यदि आप गर्मी की छुट्टियों में कोई ऐसी शोर्ट ट्रिप प्लान कर रहे हैं जिसमें वाइल्डलाइफ, नेचर, माउंटेन्स, एडवेंचर और आध्यात्म ये सभी एक ही जगह मिल जाएँ तो आ जाइये अमरकंटक|
सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला की मेकल वैली की गोद में बसी यह धार्मिक नगरी जीवनदायिनी माँ नर्मदा, सोन और जोहिला नदी का उद्गम स्थल है| पौराणिक गाथाओं के अनुसार कई ऋषि मुनियों ने यहाँ तप-साधना की है जिनके प्रभाव से यह स्थान आध्यात्मिक दृष्टिकोण से देश का एक प्रमुख धार्मिक स्थल माना जाता है| माँ नर्मदा मंदिर के समीप स्थित प्राचीन मंदिर समूह कल्चुरी काल के गौरव को दर्शाता है| मंदिर की दूसरी ओर स्थित जैन मंदिर में 28 टन अष्टधातु के प्रथम तीर्थंकर परम आराध्य 1008 भगवान आदिनाथ कमल-आसन (कुल वजन 52 टन) की विश्व में वजनी 24 टन अष्टधातु की अद्भुत, सुंदर, विशाल प्रतिमा स्थापित की गई है। यह मंदिर देश और दुनिया में स्वर्णिम है। इसी के साथ सोनमुड़ा और माई की बगिया जो माँ नर्मदा की कहानी से ही जुड़े हुए स्थल हैं जिला प्रशासन और मध्यप्रदेश टूरिज्म की सामूहिक पहल से यहाँ केंटीलीवर ग्लास व्यू पॉइंट तैयार किये गए हैं जहाँ से समूची घाटी का नज़ारा देखते ही बनता है| एडवेंचर स्पोर्ट्स जैसे कि हॉट एयर बलून, पैरासेलिंग, रामघाट के मेकल पार्क में बोटिंग एक्टिविटी सभी वर्ग के पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं| अमरकंटक आने वाले सबसे ज्यादा गुजरात, महाराष्ट्र, वेस्टबंगाल, केरल, तमिलनाडु, दिल्ली, उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखण्ड, तेलंगाना और आंध्रप्रदेश के पर्यटक शामिल हैं|
अमरकंटक के साल वृक्षों के घने जंगलों का नजारा तो देखते ही बनता है, एक ओर अचानकमार वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी और दूसरी ओर बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान से लगे होने के कारण अक्सर जंगली जानवरों जैसे कि हिरण, जंगली भैंस, जंगली सूअर, भालू, बंदर तो कभी बाघ का दीदार पर्यटकों को हो ही जाता है| प्रकृतिप्रेमियों के लिए यहाँ ट्रेकिंग रूट तैयार किये गए हैं जिसमें भृगुकमण्डल और धूनीपानी जैसे दशर्नीय स्थलों को शामिल किया गया है| यहाँ के जंगलों में दुर्लभ प्रजाति के औषधीय जड़ी-बूटियां उपलब्ध हैं जो कई तरह की बीमारियों को ठीक करने में सक्षम हैं इनमे से सबसे अधिक लोकप्रिय औषधि है गुलबकावली अर्क, विशेषज्ञों के अनुसार इसके इस्तेमाल से आँखों को रहत व तंदुरस्ती मिलती है|
इन्हीं घने जंगलों के बीच कपिलधारा वॉटरफॉल, दुग्धधारा वॉटरफॉल, रूद्रगंगा, शम्भूधारा, लक्ष्मणधारा जहाँ वॉटरफॉल के साथ जंगली केले के पेड़ बहुतायत मात्रा में देखने को मिलते हैं| ये एक्स्ट्राआर्डिनरी कॉम्बिनेशन इसे फोटोशूट और विडियोग्राफी के लिए प्रसिद्ध है जहाँ दूर-दूर से यूथ्स प्री-वेडिंग शूट के लिए यहाँ आ रहे हैं|
*अन्य दर्शनीय स्थल*
श्री यंत्र मंदिर, श्री कल्याण मंदिर, रामघाट, रामसेतु, जलेश्वर महादेव, आरंडी संगम, सनराइज पॉइंट, सनसेट पॉइंट, सिद्ध गणेश मंदिर धरहरकलां
कैसे पहुंचें
*नजदीकी एयर पोर्ट –*
1. जबलपुर एअरपोर्ट, डुमना (220 कि.मी.), जबलपुर म.प्र.
2. बिलासा देवी केवट एअरपोर्ट बिलासपुर (127 कि.मी.), छत्तीसगढ़
*नजदीकी रेल्वे स्टेशन –*
1. पेंड्रा रोड रेल्वे स्टेशन, (25 कि.मी.) जिला जीपीएम छत्तीसगढ़
2. अनूपपुर रेल्वे स्टेशन (73 कि.मी.) जिला अनूपपुर म.प्र.
*सड़क मार्ग* – अमरकंटक आस-पास के सभी नजदीकी जिला मुख्यालयों से जुड़ा हुआ है जैसे कि म.प्र. से जिला अनूपपुर, शहडोल, डिंडोरी, मंडला, जबलपुर और छत्तीसगढ़ से जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम), बिलासपुर, रायपुर |