जैतहरी में गैस एजेंसी की मनमानी! जनता त्रस्त, जिम्मेदार बेपरवाह—अब लोकेशन पर भी उठे सवाल
अनूपपुर/ जैतहरी - जनपद जैतहरी में संचालित इंडियन गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। एजेंसी संचालक की कथित मनमानी से आम उपभोक्ता पिछले कई दिनों से परेशान हैं। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि बीते कुछ दिनों में 181 शिकायतों का आंकड़ा उम्मीद से ज्यादा पहुंच गया है, जो व्यवस्था की हकीकत बयां करने के लिए काफी है।
क्या है पूरा मामला?
जैतहरी में संचालित गैस एजेंसी, जो सरोज प्रजापति (पति अनिल प्रजापति) के नाम से बताई जा रही है, पर उपभोक्ताओं ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। गैस सिलेंडर की किल्लत के बीच एजेंसी का रवैया उपभोक्ताओं के प्रति बेहद उदासीन और गैर-जिम्मेदाराना बताया जा रहा है।
घर बैठे गैस चाहिए? तो “181” के लिए तैयार रहें!
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कोई उपभोक्ता होम डिलीवरी चाहता है, तो उसे अनावश्यक देरी और बहानेबाजी का सामना करना पड़ता है। वहीं चौंकाने वाली बात यह है कि जो उपभोक्ता खुद एजेंसी जाकर सिलेंडर लाते हैं, उनसे भी कथित रूप से “भाड़ा” वसूला जा रहा है। यानी सेवा मिले या न मिले, अतिरिक्त पैसे देना मानो अनिवार्य बना दिया गया है।
फोन बंद, जवाब एक—“181 कर दो”
सबसे ज्यादा नाराजगी एजेंसी के व्यवहार को लेकर है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि न तो एजेंसी का फोन उठाया जाता है और न ही कर्मचारियों से कोई संतोषजनक जवाब मिलता है। उल्टा शिकायत करने पर सीधे कहा जाता है—“181 कर दो”, जो व्यवस्था के प्रति लापरवाही और बेखौफ रवैये को दर्शाता है।
अब लोकेशन पर भी बड़ा सवाल
मामला सिर्फ सेवा में लापरवाही तक सीमित नहीं है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, नगरपालिका के वार्ड क्रमांक 9 में चेतन कुटी, दुकान नंबर 2 पर एजेंसी का कार्यालय रजिस्टर्ड बताया जा रहा है, जबकि वास्तविक संचालन विगत लगभग 15 वर्षों से सिवनी पंचायत के आदर्श ग्राम क्षेत्र में किया जा रहा है।
चौंकाने वाली बात यह है कि यह संचालन स्थल रेलवे ट्रैक से महज 75 मीटर की दूरी पर स्थित बताया जा रहा है। गैस सिलेंडर जैसी ज्वलनशील सामग्री का इस तरह रेलवे लाइन के इतने करीब भंडारण और संचालन, रेलवे सुरक्षा मानकों पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
प्रशासन मौन, जनता परेशान
लगातार बढ़ती शिकायतों और अब सामने आ रही लोकेशन संबंधी अनियमितताओं के बावजूद जिम्मेदार विभाग की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। गैस जैसी आवश्यक सेवा में इस प्रकार की लापरवाही आम जनता के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।
अब कार्रवाई कब?
जैतहरी की जनता अब प्रशासन से उम्मीद लगाए बैठी है कि इस मनमानी और संभावित नियम उल्लंघन पर जल्द सख्त कार्रवाई हो। साथ ही एजेंसी के संचालन स्थल और सुरक्षा मानकों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।