छुलहा स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव की मांग तेज, कांग्रेस ने रेल प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

15 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी, करीब 30 हजार लोगों की समस्याओं का उठाया मुद्दा

अनूपपुर। छुलहा रेलवे स्टेशन पर यात्री ट्रेनों के ठहराव सहित लंबे समय से चली आ रही जनसमस्याओं को लेकर कांग्रेस ने रेल प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जैतहरी के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने स्टेशन पहुंचकर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर के महाप्रबंधक के नाम स्टेशन अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा।

पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष रमेश सिंह एवं ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रजन कुमार राठौर के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि छुलहा स्टेशन आसपास के अनेक गांवों के हजारों ग्रामीणों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों और दैनिक यात्रियों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण साधन है। कोरोना काल के दौरान बंद हुए कई ट्रेनों के ठहराव अब तक बहाल नहीं होने से क्षेत्र की बड़ी आबादी को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पांच प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की मांग

कांग्रेस ने कोरोना काल से पहले छुलहा स्टेशन पर रुकने वाली यात्री ट्रेनों के ठहराव को दोबारा शुरू करने की मांग की है। इनमें इंदौर-बिलासपुर एक्सप्रेस, भोपाल-बिलासपुर एक्सप्रेस, रीवा-बिलासपुर एक्सप्रेस, बिलासपुर-चिरमिरी तथा दुर्ग-अंबिकापुर एक्सप्रेस सहित अन्य यात्री ट्रेनें शामिल हैं।

फुट ओवरब्रिज को दोनों ओर जोड़ने की मांग

ज्ञापन में स्टेशन के फुट ओवरब्रिज का विस्तार कर उसे प्लेटफॉर्म नंबर-1 की ओर सड़क एवं बस स्टैंड तथा प्लेटफॉर्म नंबर-4 की ओर सड़क से जोड़ने की मांग की गई है। कांग्रेस का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था के कारण कई बार यात्रियों को खड़ी मालगाड़ी के नीचे से निकलकर दूसरी ओर जाना पड़ता है, जो गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है।

अंडरब्रिज और सड़कों की बदहाली का मुद्दा उठाया

बंद किए गए लेवल क्रॉसिंग के स्थान पर बनाए गए अंडरब्रिज तक पहुंचने के लिए छुलहा और सेंदुरी पंचायत की ओर पक्की सड़क बनाने की मांग भी की गई। साथ ही हर्री-बर्री, वीक-60 एवं बाईपास अंडरब्रिज में बारिश के दौरान होने वाले जलभराव का स्थायी समाधान करने की मांग रखी गई।

कांग्रेस ने जल निकासी के लिए नाली, ड्रेनेज और आवश्यकतानुसार पंपिंग व्यवस्था विकसित करने तथा रेलवे लिंक रोड का डामरीकरण कराने की मांग भी की है।

रेल यात्रियों की सुरक्षा पर जताई चिंता

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि स्टेशन पर पर्याप्त वैकल्पिक मार्ग और सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण यात्रियों एवं ग्रामीणों को जोखिम उठाना पड़ता है। रेलवे प्रशासन को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए जिससे लोगों को रेलवे ट्रैक पार करने अथवा खड़ी मालगाड़ी के नीचे से गुजरने की मजबूरी न रहे।

30 दिन में तकनीकी सर्वे की मांग

ज्ञापन के माध्यम से रेल प्रशासन को समयबद्ध कार्रवाई का प्रस्ताव दिया गया है। कांग्रेस ने 15 दिन के भीतर छुलहा स्टेशन का स्थल निरीक्षण, ट्रेनों के ठहराव की प्रक्रिया शुरू करने तथा इसकी लिखित जानकारी देने की मांग की है। वहीं फुट ओवरब्रिज, सड़क, नाली और जल निकासी से जुड़े कार्यों के लिए 30 दिन के भीतर तकनीकी सर्वे और कार्ययोजना तैयार कर कार्रवाई की रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा चरणबद्ध आंदोलन

कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में ठोस कार्रवाई नहीं हुई और रेल प्रशासन की ओर से संतोषजनक लिखित जवाब नहीं मिला तो ग्रामीणों, यात्रियों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा। प्रथम चरण में धरना-प्रदर्शन और इसके बाद वरिष्ठ रेल अधिकारियों को ज्ञापन देकर व्यापक जनआंदोलन की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा।

बड़ी संख्या में पहुंचे कांग्रेस नेता और ग्रामीण

कार्यक्रम में जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्याम कुमार गुड्डू चौहान, पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रीति रमेश सिंह, विधानसभा जयसिंहनगर प्रभारी आशीष त्रिपाठी, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष रमेश सिंह, जिला उपाध्यक्ष मनोज सिंह राठौर सहित अनेक कांग्रेस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, सरपंच, उपसरपंच और ग्रामीण मौजूद रहे।

इस दौरान रजन कुमार राठौर, गुलाब पटेल, संजय सोनी, अनिल चौधरी, राघवेंद्र पटेल, विवेक यादव, राजू राम पटेल, लखन कोल, स्वामीदीन बैगा, मधुरी कोल, भवन सिंह, गणेश सिंह, दुक्खु कोल, रामवती राठौर, मनोज राठौर, मोहनलाल राठौर, संतोष महरा, एडवोकेट संजीव द्विवेदी, एडवोकेट संतोष सोनी, एडवोकेट लालमणि सिंह राठौर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

ज्ञापन पर ग्राम पंचायत सेंदुरी, छुलहा और अमगवां के सरपंचों एवं जनपद सदस्यों के हस्ताक्षर और मुहर भी लगाए गए हैं।