जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन का 13वां दिन: शिक्षा व्यवस्था की निकाली गई अर्थी, छात्र अब भी डटे 


नई दिल्ली/ अनूपपुर, 3 जुलाई। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व वाला छात्र आंदोलन शुक्रवार को 13वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों और परीक्षा व्यवस्था के विरोध में प्रतीकात्मक रूप से "शिक्षा व्यवस्था की अर्थी" निकालकर प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-युवा हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते दिखाई दिए। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा कथित परीक्षा अनियमितताओं, शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि देश के लाखों छात्रों का भविष्य लगातार परीक्षा विवादों और प्रशासनिक लापरवाही के कारण प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि सरकार युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है। इसी विरोध को दर्ज कराने के लिए आंदोलनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकालकर व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग दोहराई।
आंदोलन स्थल पर छात्र लगातार धरना दे रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। हाल के दिनों में आंदोलन को लेकर कई नए घटनाक्रम भी सामने आए हैं। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रदर्शनकारियों की निगरानी किए जाने का आरोप लगाया है, जबकि आंदोलन से जुड़े कुछ अन्य विवाद भी चर्चा में हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
इधर, आंदोलन का समर्थन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन भी चर्चा का विषय बना हुआ है। उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई जा रही है और चिकित्सकीय निगरानी जारी है। Sonam Wangchuk के स्वास्थ्य संबंधी अपडेट्स ने आंदोलन को और अधिक राष्ट्रीय चर्चा में ला दिया है।
जंतर-मंतर पर जारी यह आंदोलन अब केवल परीक्षा विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और युवाओं के भविष्य से जुड़े व्यापक मुद्दों से जोड़कर देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में सरकार और आंदोलनकारियों के बीच किसी वार्ता या निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।