जंतर-मंतर में होगी निर्णायक बात: कॉकरोच पार्टी ने ठुकराया केंद्रीय मंत्री का बुलावा


नई दिल्ली। छात्र-युवा आंदोलनों के बीच एक नया राजनीतिक मोड़ सामने आया है। कॉकरोच पार्टी (CJP) ने दावा किया है कि केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा के आवास पर बातचीत के लिए बुलावा मिलने के बावजूद उसने स्पष्ट कर दिया है कि अब किसी बंद कमरे में नहीं, बल्कि जनता के बीच जंतर-मंतर पर ही बात होगी।
पार्टी नेताओं का कहना है कि देशभर से पहुंचे छात्रों, युवाओं और आम नागरिकों की आवाज को दबाने की कोशिशों के बीच आंदोलन अपने निर्णायक चरण में पहुंच चुका है। उनका आरोप है कि लंबे समय से शिक्षा, रोजगार, परीक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज किया गया है, इसलिए अब वार्ता भी खुले मंच पर होनी चाहिए।
कॉकरोच पार्टी के नेताओं ने कहा कि जंतर-मंतर केवल एक स्थान नहीं, बल्कि जनता की आवाज का प्रतीक बन चुका है। पार्टी का कहना है कि यदि सरकार वास्तव में युवाओं की मांगों पर गंभीर है तो उसे आंदोलनकारियों के बीच आकर संवाद करना चाहिए।
इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्षी दल भी छात्र-युवा आंदोलन को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बना रहे हैं। वहीं जंतर-मंतर पर आंदोलनकारी अभी भी डटे हुए हैं और देश के विभिन्न राज्यों से लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी है।
प्रमुख बातें
कॉकरोच पार्टी ने जे.पी. नड्डा के घर पर बातचीत का प्रस्ताव ठुकराने का दावा किया।
कहा, "अब बात जंतर-मंतर में जनता के बीच होगी।"
छात्र-युवा आंदोलन को देशभर से समर्थन मिलने का दावा।
आंदोलनकारियों का कहना है कि शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर ठोस निर्णय चाहिए।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी, राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल।