जीरों टॉलरेंस टू वर्ड फ्रॉडस्टर्स नीति के क्रम में श्री राम निधि लिमिटेड नाम से फर्जी कम्पनी बनाकर काफी सारे लोगों से पैसे ठगने वाले अन्तर्जनपदीय गिरोह का बांदा पुलिस द्वारा किया गया भण्डाभोड,,रिपोर्ट @ अजय कुमार यादव बांदा
 बांदा उ0प्र0 शासन  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ* द्वारा चलाये जा रही *जीरों टॉलरेंस टू वर्ड फ्रॉडस्टर्स* नीति  क्रम में *पुलिस अधीक्षक  पलाश बंसल* के निर्देशन में व अपर पुलिस अधीक्षक  शिवराज, सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी सदर मेविस टॉक के निकट पर्यवेक्षण थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा *फर्जी कम्पनी* चलाकर लोगो से झूठी पॉलिसी बताकर फर्जी लोन व कम्पनी से जुड़ने दुर्घटन/हेल्थ बीमा अनिवार्य कराने हेतु रुपये लेकर फरार होने वाले 03 अन्तर्जनपदीय अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया । गौरतलब हो कि दिनांक 26.11.2025 को थाना कोतवाली नगर क्षेत्र की रहने वाली आरती मिश्रा व 50 अन्य औरतों के समूह द्वारा बताया गया कि 03 लोगो द्वारा एक फर्जी समूह कम्पनी *श्री रामनिधि फाइनेन्स* खोलकर लोगों को 70 हजार रुपये का लोन देने की बात व प्रतिमाह 3500 रुपये किस्त देने की बात कही गई । साथ ही बताया गया कि लोन लेने से पूर्व हमारी कम्पनी से जुड़ने व दुर्घटना/हेल्थ बीमा कराने हेतु 3500 रुपये प्रति व्यक्ति लेकर फरार हो गए । इस संबंध में थाना कोतवाली नगर पर प्राप्त तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर अभियुक्तों की पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे थे । इसी क्रम में पुलिस द्वारा मुखबिर की सूचना पर अभियुक्तों को बड़ा बाईपास के पास से गिरफ्तार कर लिया गया । पुलिस द्वारा कड़ाई से पूछताछ कि गई तो अभियुक्तों द्वारा बताया गया कि हम लोग *फर्जी कम्पनी श्री रामनिधि फाइनेन्स समूह* जो कि बांदा जनपद के आर.टी.ओ. चौराहा के पास ऑफिस खोला गया था व अपना फर्जी नाम व फर्जी आधार कार्ड का प्रयोग कर घटना को अंजाम दिए थे । साथ ही बताया कि लोगो से फर्जी लोन देने के बहाने से लोन देने से पहले कम्पनी से जुड़ना व दुर्घटना/हेल्थ बीमा कराने हेतु पहले ही 3500 रुपये जमा करने को कहते थे और जब पैसा आ जाता था तब रातों-रात कम्पनी आदि बंद कर स्थान बदल दिया करते थे और हमारे द्वारा पहले भी कई अन्य जनपदों में इस तरह की घटनाओ को अंजाम दिया गया है । अभियुक्तो के कब्जे से घटना में कारित *01 लाख 60 हजार 650* रुपये नकद बरामद हुये है । पुलिस द्वारा कड़ी से कड़ी जोड़कर अन्य जानकारी प्राप्त की जा रही है कि अभियुक्तों द्वारा और कहां- कहां इस प्रकार की घटनाओं को कारित किया गया व इसमें अन्य और कितने सदस्य शामिल है ।