8 दिनों से जारी बसखला में जेएमएस माइनिंग कंपनी के मजदूरों की हड़ताल 6 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं मजदूर

8 दिनों से जारी बसखला में जेएमएस माइनिंग कंपनी के मजदूरों की हड़ताल
6 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं मजदूर
बिजुरी। जेएमएस माइनिंग कंपनी उरतान नार्थ अंडरग्राउंड कोल माइंस परियोजना बसखला के कर्मचारियों के द्वारा अपने विभिन्न मांगों को लेकर बीते 8 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। 28 दिसंबर से सामूहिक धरना प्रदर्शन करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए हैं। आंदोलन कर रहे सैकड़ो की संख्या में मजदूरों के द्वारा बताया गया कि कंपनी के द्वारा भूमि अधिग्रहण के पश्चात उन्हें रोजगार पर रखा गया है लेकिन उन्हें अब तक सुविधाए नहीं दी जा रही है । जहां अन्य कंपनियों में मजदूरों को सभी तरह की सुविधा प्रदान की जाती है लेकिन जेएमएस माइनिंग कंपनी के द्वारा ऐसा नहीं किया जा रहा है जिससे परेशान होकर उन्होंने आंदोलन प्रारंभ किया है।
यह है मांग
कंपनी के कर्मचारियों के द्वारा अपनी मांग के संबंध में बताया गया कि वह सभी 6 सूत्रीय मांगों को पूरा किए जाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। जिनमें प्रमुख रूप से कैटेगरी 1 की मजदूरी राशि तथा इंक्रीमेंट प्रदान किया जाए, सभी कर्मचारी का जो की 1 अगस्त 2023 से जॉइनिंग हुए हैं उनकी पीएफ की राशि जो कर्मचारी के वेतन से डबल कटौती की गई है उसे 31 दिसंबर 2023 तक वापस दिलाया जाए, सभी कर्मचारियों का पेमेंट स्लिप जीमेल आईडी से दिया जाए, सभी कर्मचारियों का लीव एप्लीकेशन ऑनलाइन दर्शाया जाए, सभी कर्मचारी व उनके परिवार के सदस्यों का मेडिकल सुविधा कंपनी के नजदीकी स्थान पर उपलब्ध कराते हुए इलाज की व्यवस्था बनाई जाए, जेएमएस माइनिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा शासन की पॉलिसी में जो भी अन्य सुविधा हो वह कर्मचारियों को उपलब्ध कराया जाए।
तहसीलदार ,थाना प्रभारी एवं जिला पंचायत सदस्य पहुंचे आंदोलन स्थल
तहसीलदार कोतमा ईश्वर प्रधान, थाना प्रभारी कोतमा सुंद्रेस सिंह एवं जिला पंचायत सदस्य राम जी रिंकू मिश्रा श्रमिकों के द्वारा किए जा रहे आंदोलन स्थल पर पहुंचे। जहां माइनिंग कंपनी के अधिकारियों से जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि उनकी मांगो को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। मजदूरों का शोषण बंद करें नहीं तो आक्रोशित मजदूर कंपनी में तालाबंदी करने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्हें स्थाई रोजगार का वायदा कंपनी ने किया था और अब मजदूर की तरह दैनिक वेतन पर उनसे कार्य लिया जा रहा है जो कि सरासर गलत है साथ ही उन्हें सुविधाएं भी नहीं दे रहे हैं।