टीईटी की बाध्यता हटवाने सुप्रीमकोर्ट में रिव्यू पिटीशन लगाएगी सरकार ; शिक्षा मंत्री
टीईटी की बाध्यता हटवाने सुप्रीमकोर्ट में रिव्यू पिटीशन लगाएगी सरकार ; शिक्षा मंत्री
अनूपपुर । सात महीने से नौकरी को लेकर चिंता में अनूपपुर सहित प्रदेश के डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों को राहत देने राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट जाने का मन बना लिया है। रिव्यू पिटीशन पुनर्विचार याचिका दायर करने की तैयारी शुरू कर दी है। स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह का कहना है कि पुराने भर्ती नियमों से नियुक्त हुए शिक्षकों को चिंतित होने की जरूरत नहीं है। जल्द ही सरकार अपना पक्ष अदालत में रखेगी। सिंह ने इस संबंध में कहाकि मंगलवार सुबह सब स्पष्ट कर देंगे। वे सोमवार को भाजपा के स्थापना दिवस पर प्रभार के जिले बालाघाट पहुंचे थे। वहां मलाजखंड में जल गंगा संवर्धन अभियान से जुड़े कार्यक्रम में संकेत देते हुए कहा कि कर्मचारी और शिक्षक प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। राज्य सरकार शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ पुनर्विचार याचिका लगाने जा रही है। जो शिक्षक पुराने भर्ती नियमों के तहत नियुक्त हुए हैं, उन्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। प्रदेश भर में शिक्षकों के विरोध और चिंता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभाग को इस मामले में विधि विशेषज्ञों से राय लेने के निर्देश दिए थे। शिक्षा मंत्री ने भी अधिकारियों को करीब
पांच दिन पहले निर्देशित किया था। विधिक सलाहकारों से मिली राय के बाद विधि विभाग ने याचिका दायर करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसमें विधिक सलाहकारों की राय और शिक्षा का अधिकार कानून के प्रावधानों को आधार बनाया जा रहा है। शिक्षा मंत्री राव ने बालाघाट में स्पष्ट किया कि पहले सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन किया था, लेकिन अब सरकार वापस अपना पक्ष रखेगी। उन्होंने शिक्षक संगठनों से भी कहाकि इस विषय में निचले स्तर तक कर्मचारियों के बीच फैले संदेह को दूर करें। सरकार का भी मानना है कि टीईटी लागू होने से पहले नियुक्त सभी शिक्षक आरटीई में तय भर्ती नियमों का पालन कर ही सेवा में आए थे।
प्रदेशभर के डेढ़ लाख शिक्षक हैं परेशान
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मध्यप्रदेश लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा मार्च माह में प्रदेश के सभी शासकीय स्कूलों के शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा टीईटी को अनिवार्य बताते हुए सर्कुलर जारी कर दिया गया था। इसमें केवल 5 साल के भीतर सेवानिवृत होने वाले प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षकों को अलग रखा गया था। इस आदेश के मुताबिक टीईटी अगस्त 2026 में होना है। इसके जारी होते ही प्रदेश भर में डेढ़ लाख से च्यादा शिक्षकों के ऊपर तलवार लटक गई है। हर जिले में प्रदर्शन कर मंत्री, विधायकों और अधिकारियों को ज्ञापन दिए जा रहे है |


