लेखपाल की शह  पर कोतमा नगर पालिका में डीजल में चल रहा भ्रष्टाचार का खेल,आखिर किसका ट्रक चलता है नगरपालिका के डीजल से 

कोतमा/नगर के विकास में नगर पालिका की साझेदारी सुनिश्चित करने के लिए नगरीय निकायों का गठन कर नगर की साफ सफाई, बिजली ,पानी एवं सड़क जैसी आवश्यक जनजीवन को प्रभावित करने वाली व्यवस्था के लिए नगर प्रशासन बनाया गया। जिसके लिए मध्य प्रदेश शासन विशेष वित्तीय व्यवस्था के लिए कायाकल्प एवं अन्य मदों से करोड़ों की राशि आवंटित करती है। प्रजातांत्रिक व्यवस्था के माध्यम से स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से परिषद का गठन किया जाता है जिसमें अध्यक्ष एवं उनके परिषद को संपूर्ण व्यवस्था की देखरेख एवं योजना बनाने का अधिकार प्राप्त होता है । जिसकी प्रशासनिक व्यवस्था मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा की जाती है। शासन की व्यवस्था स्थानीय लोगों के हाथ में देकर भ्रष्टाचार को खत्म करने की एक अच्छी सोच होती है जो अपने नगरीय क्षेत्र को अत्यधिक एवं आकर्षक बनाने के लिए कार्य करते हैं किंतु नगर पालिका परिषद कोतमा में कुछ और ही देखने को मिलता है।
महीनो में लाखों के डीजल का हो रहा खेल
नगर पालिका परिषद में नगर की साफ सफाई में लगे  वाहनों को चलाने के लिए डीजल की व्यवस्था की जाती है किंतु सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कोतमा नगर पालिका में तेल के खेल में व्यापक अनियमितता की जा रही है। यहां यह भी देखने को मिला है कि शव वाहन के नाम से तेल की पर्ची काटी जाती है और बाहरी गाड़ियों में डीजल भराया जाता है। इस खेल में नगर पालिका के कई कर्मचारी शामिल हैं इसकी उच्च स्तरीय जांच कर नगर वासियों के टैक्स के पैसों का सही इस्तेमाल हो सके।
पर्ची किसी और की तेल कही और - नगर पालिका के द्वारा शुक्रवार को शव वाहन क्रमांक mp65 da0168 के नाम से 22 लीटर डीजल की पर्ची राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 में स्थित राजेंद्र फिलिंग स्टेशन के नाम से काटी गई थी लेकिन शुक्रवार को ही दोपहर में लगभग 1 से 2:00 के बीच चावल से भरे ट्रक क्र. Mp19ha 3513  में चालक के द्वारा 40 लीटर डीजल डलवाया गया जिसमें नगर पालिका की 22 लीटर की पर्ची उसने पेट्रोल पंप में दी और बाकी के डीजल का नगद पैसा पेट्रोल पंप में चालक के द्वारा दिया गया । यह खेल एक दिन का नहीं है यह खेल काफी समय से चल रहा है लेकिन नगर पालिका के अधिकारी अपने आप को हरिश्चंद्र बता रहे हैं । यही हाल नगर के कई निर्माण कार्यों में भी देखने को मिल रहा है जहां नगर पालिका के द्वारा जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है लेकिन इसे देखने वाला कोई नहीं है ।
जबकि कोतमा विधानसभा क्षेत्र से ही मध्य प्रदेश शासन में स्वतंत्र प्रभार मंत्री दिलीप जायसवाल है उन्हें इन सब बातों को सजान में लेते हुए नगर पालिका के द्वारा कराए गए कायाकल्प योजना के कार्यों की जांच करवाते हुए एवं नगर पालिका में हो रहे डीजल भ्रष्टाचार की जांच करवानी चाहिए जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो सके ।
इनका कहना - मामला संज्ञान में आया है जांच करवाई जाएगी जांच के बाद जो तक सामने आएंगे उसके आधार पर संबंधित के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी । प्रदीप झरिया सीएमओ नगर पालिका कोतमा

हमने इस मामले में जब मुहर्रम से बात की जिनके द्वारा ये पर्ची काटी गई उनका कहना था कि अध्यक्ष के कहने पर हमने काटी है

वही नागपालिक अध्यक्ष अजय सराफ से हमने बात की तो वो इस बात से अनभिज्ञ नजर आये और कहा कि आप पर्ची भेजिए मैं देखता हूँ