नए परिवहन नियम के विरोध में ड्राइवर का विरोध प्रदर्शन जारी
अनूपपुर। जिले के थाना भालूमाडा के अंतर्गत बदरा तिराहा एनएच 43 में ड्राइवर यूनियन ने परिवहन कानून के नए निगम का किया विरोध, काला कानून वापस लेने की मांग ड्रामवर यूनियन की हड़ताल शुरू राजकीय हाइवे एन एच 43 पर शुरू, सड़क पर हादसा होने पर पालको के खिलाफ होने वाली कठोर कार्यवाही के प्रस्ताव का विरोध, बड़ी संख्या में जमा ड्रायवर यूनियन के सदश्य वाहनों के के पालकों से यहां न चलने का निवेदन किमा बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर मौजूद नए परिवहन निगम के विरोध में ड्राइवर। लोग गाड़ियों को रोककर उनसे गाड़ी न चलने का निवेदन कर रहे है मौके की नजाकत को देखते हुए थाना प्रभारी भालूमाडा रामकुमार धारिया अपने दलबल के साथ पहुंचकर उन्हें समझाएं। दी की आप किसी भी वाहनों को नहीं रोक सकते कोई भी काम मा विरोध करने से पहले नियमानुसार लिखा पड़ी किया जाता है तब भी ड्राइवर का शांति तरीके से कानून के विरोध में विरोध प्रदर्शन जारी है इस दौरान सैकड़ी की संख्या में ड्राइवर लोग उपस्थित रहे।
कलेक्टर को दिया ज्ञापन
ड्राइवर एकता संघ द्वारा कलेक्टर अनूपपुर को एक मांग पत्र प्रस्तुत किया गया है जिसमें भारत सरकार द्वारा नए कानून के संषोधन पर वाहन चालको के खिलाफ जो कड़ी सजा और भारी जुर्माना का प्रवधान किया गया है उन्हें वापस लेने की मांग की गई है। मांग न माने जाने पर आज ही से गाड़ि़यां न चलाने के बात करते हुए पूरंे देष में पहिए रोकने की बात कही सरकार द्वारा जो नया कानून लाग किया गया है उस कानून को वापस लिया जाये अन्यथा एक जनवरी 2024 से कोई भी ड्राईवर गाड़ी नहीं चलाऐगा एवं जिससे देश को होने वाली आर्थिक क्षति की जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी। एवं जरूरत पड़ने पर ड्राईक यूनियन के द्वारा चका जाम किया जाऐगा।
इन प्रावधानों का किया जा रहा है विरोध 
सरकार द्वारा जो नया कानून लागू किया गया है इसमें ड्राईवर की सजा 10 साल एवं 7 लाख रूपये जुर्माना घोषित किया गया है। एक्सीडेंट होने पर इस कानून को वापस लिए जानें बावत्। जो कानून सरकार द्वारा बनाया गया है जिसमें यदि एक्सीडेंट हो जाता है तो ड्राईवर को 10 साल की सजा 47 लाख का जुर्माना से दण्डित किया जाना है ऐसे में ड्राईवर जिसकी सेतरी कहीं पर तीन हजार रूपये या कही पर 7000 रूपये महीनें की सैलरी वाला जिसका कोई रहने का ठिकाना नहीं है एवं सैलरी का कोइ अता पता नहीं ऐसे में ड्राईवर सात लाख का जुर्माना कहा से दे पाएगा जिसके कार्य का कोई समय नहीं रहता और ऐसे में 10 साल की सजा हो जाती है तो ड्राईवर के परिवार का पालन पोषण कौन करेगा। पहले कानून में ड्राईवर की जमानत होना फिर वाहन की जामानत होना तय था।