जयसिंहनगर तहसील में आने वाले लोगों से आवश्यक डाक्यूमेंट प्रमाण पत्र व कार्य कराने लिया जाता है रिश्वत,,रिपोर्टर @दीपक कुमार गर्ग

जयसिंहनगर तहसील में आने वाले लोगों से आवश्यक डाक्यूमेंट प्रमाण पत्र व कार्य कराने लिया जाता है रिश्वत
शहडोल जयसिंहनगर - प्राप्त सूत्रों के अनुसार तहसील क्षेत्र अंतर्गत नगरीय क्षेत्र सहित लगभग 87 से 90 ग्राम पंचायत आते हैं, जहाँ से तहसील में विशेष काम के लिए लोगों को दूर-दूर से किराया लगाकर आना पड़ता है, सूत्र बताते हैं, कि समग्र आईडी, मृत्यु प्रमाण-पत्र, जन्म प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाण-पत्र इत्यादि ना जाने कितने प्रकार के आवश्यक किये गये प्रमाण पत्र को बनवाने के जहाँ शासन ने न्यूनतम शुल्क दर लगभग 35-40 रूपये कर रखा है, वहीं इन सभी डाक्यूमेंट को बनाने में 1000-1000/-रूपये का रिश्वत लेकर काम किया जाता है, सूत्र बताते हैं, कि तहसील अंतर्गत कार्य करने वाले कर्मचारियों से लेकर दलालों की एक लम्बी प्रक्रिया से होकर लोगों को गुजरना होता है, और जो रिश्वत दे पाने में असमर्थ होते हैं उनके डाक्यूमेंट बनकर आने में कई-कई महीने लग जाते हैं, इतना ही नहीं यहाँ कार्य करने वाले यदि 10,000/-रूपये के वेतनभोगी हैं, फिर भी उनकी कमाई *लाखों* में होती है, जो कि भ्रष्टाचार का एक जीता-जागता नमूना पेश कर रहे हैं।
*किसके इशारे पर चल रही लूट-*
सवाल यहाँ ही खत्म नहीं होता कि यह कार्य रिश्वतखोरी में किये जाते हैं, सवाल यहाँ उठता है कि यह रिश्वत लेने की प्रक्रिया का खेल किसके कहने पर चलता है, क्योंकि तहसील अंतर्गत होने वाले रजिस्ट्री, नामांतरण व हकत्याग जैसे अन्य कार्य भी किये जाते हैं लेकिन उन कार्यों का भी एक मैन्यू रेट बनाया जाता है, सूत्रों के अनुसार बिना रेट मिले किसी का भी कार्य नहीं हो पाता, ऐसे में गरीबों का शोषण खुलेआम किया जाता है, किंतु प्रशासन के उच्चाधिकारी जो कि भ्रष्टाचार खत्म करने की बात करते हैं उन्हीं के द्वारा किसी प्रकार का कोई एक्शन नहीं लिया जाता है।