पाली थाना क्षेत्र के छोट तुम्मी जंगल में दर्दनाक हादसा, सेल्फी लेते समय युवक झरने में गिरा, मौके पर ही मौत,,रिपोर्ट@राजकुमार गौतम उमरिया
पाली थाना क्षेत्र के छोट तुम्मी जंगल में दर्दनाक हादसा, सेल्फी लेते समय युवक झरने में गिरा, मौके पर ही मौत
पाली (उमरिया) - पाली थाना अंतर्गत आने वाले छोट तुम्मी क्षेत्र में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां झरने के पास सेल्फी लेते समय 18 वर्षीय युवक की चट्टान से गिरने से मौत हो गई। मृतक की पहचान लखन सिंह पिता रावेंद्र सिंह, निवासी मोहतर्रा, थाना गोहपारू, जिला शहडोल के रूप में हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक लखन सिंह अपने 5-6 दोस्तों के साथ छोट तुम्मी क्षेत्र में घूमने आया था। सभी युवक सड़क से करीब 4 से 5 किलोमीटर भीतर जंगल में स्थित झरने के समीप पहुंचे, जहां सेल्फी लेने के दौरान लखन सिंह करीब 80 से 90 फीट गहराई में गिर पड़ा। गिरने के दौरान उसका सिर चट्टान से टकराया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मृतक के साथियों ने तुरंत डायल 100 को दी, जिसके बाद पुलिस सहायता वाहन और मंगठार चौकी प्रभारी सशि दुवेदी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। शव को घटना स्थल से निकालकर पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां पोस्टमार्टम उपरांत शव परिजनों को सौंपा गया।
पर्यटन स्थल बना जानलेवा, नहीं की जा रही कोई सुरक्षा व्यवस्था
गौरतलब है कि छोट तुम्मी क्षेत्र प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल के रूप में जाना जाता है। वर्षा ऋतु में यहां आसपास के गांवों और नगरों से बड़ी संख्या में लोग घूमने आते हैं। वन विभाग द्वारा इस क्षेत्र को इको-टूरिज्म ज़ोन के रूप में भी विकसित किया गया है।
लेकिन इसके बावजूद भी झरने के आसपास न तो किसी प्रकार की चेतावनी पट्टिका लगाई गई है और न ही पर्यटकों की सुरक्षा के लिए कोई गाइडलाइन या निगरानी की व्यवस्था है। इससे पहले भी इस क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन हर बार प्रशासनिक अनदेखी सामने आती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि झरने के पास सुरक्षा दीवार, संकेत बोर्ड और निगरानी की व्यवस्था होती, तो इस तरह के हादसों को टाला जा सकता था।
प्रशासन से उठे सवाल
लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद कोई ठोस कदम न उठाया जाना वन विभाग और प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है। अब आवश्यकता है कि इस क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा उपाय किए जाएं ताकि प्राकृतिक स्थलों पर घूमने आने वाले पर्यटकों की जान जोखिम में न पड़े।


